बालकाण्ड · दोहा 55 · दोहा/सोरठा
गई समीप महेस तब हँसि पूछी कुसलात।
गई समीप महेस तब हँसि पूछी कुसलात।
लीन्ही परीछा कवन बिधि कहहु सत्य सब बात।।55।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.55 · पुस्तक पृ. 76, 76
भावार्थ और शब्दार्थ
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1गई समीप महेस तब हँसि पूछी कुसलात।
सती पास गईं; तब शिव ने मुस्कराकर उनका कुशल-समाचार पूछा।
English explanation
Sati approached; then Shiva smiled and asked after her well-being.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गई | गईं | went |
| समीप | पास | near |
| महेस | महेश, अर्थात शिव ने | Shiva, the great Lord |
| तब | तब | then |
| हँसि | मुस्कराकर | with a smile |
| पूछी | पूछी | asked about |
| कुसलात | कुशलता | well-being |
2 लीन्ही परीछा कवन बिधि कहहु सत्य सब बात।।55।।
शिव ने पूछा: ‘तुमने किस प्रकार परीक्षा ली? सारी बात सच-सच कहो।’
English explanation
Shiva asked, ‘How did you put him to the test? Tell me everything truthfully.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लीन्ही | ली | conducted |
| परीछा | परीक्षा | a test |
| कवन | किस | what |
| बिधि | विधि से | in what manner |
| कहहु | कहो | tell |
| सत्य | सच-सच | truthfully |
| सब | सारी | all |
| बात | बात | the account |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 55
- स्रोत अभिलेख
- 1.55
- सहायक विषय
- सतीका भ्रम, श्रीरामजीका ऐश्वर्य और सतीका खेद
- मुद्रित पृष्ठ
- 76, 76
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