बालकाण्ड · दोहा 160 · दोहा/सोरठा
कपट बोरि बानी मृदुल बोलेउ जुगुति समेत।
कपट बोरि बानी मृदुल बोलेउ जुगुति समेत।
नाम हमार भिखारि अब निर्धन रहित निकेति।।160।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.16 · पुस्तक पृ. 164, 165
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1कपट बोरि बानी मृदुल बोलेउ जुगुति समेत।
वाणी को छल में डुबोकर वह कोमल शब्दों में युक्तिपूर्वक बोला।
English explanation
Steeping his speech in deceit, he spoke gently and with calculated artfulness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपट | छल में | in deceit |
| बोरि | डुबोकर | steeping |
| बानी | वाणी को | his speech |
| मृदुल | कोमल; मधुर | gentle; sweet |
| बोलेउ | बोला | he spoke |
| जुगुति | युक्ति; चतुर योजना | calculated artfulness |
| समेत | के साथ | with |
2 नाम हमार भिखारि अब निर्धन रहित निकेति।।160।।
“मेरा नाम भिखारि है; अब मैं निर्धन और घर से रहित हूँ।”
English explanation
“My name is Bhikhari; now I am poor and without a home.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाम | नाम | name |
| हमार | मेरा | my |
| भिखारि | भिखारि—उसका बताया नाम, जिसका अर्थ भिक्षुक है | Bhikhari, his claimed name, meaning beggar |
| अब | अब | now |
| निर्धन | धनहीन | without wealth |
| रहित | रहित; विहीन | without |
| निकेति | घर; निवास | a home; dwelling |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 160
- स्रोत अभिलेख
- 1.16
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 164, 165
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।