बालकाण्ड · दोहा 20 · दोहा/सोरठा
एकु छत्रु एकु मुकुटमनि सब बरननि पर जोउ।
एकु छत्रु एकु मुकुटमनि सब बरननि पर जोउ।
तुलसी रघुबर नाम के बरन बिराजत दोउ।।20।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.2 · पुस्तक पृ. 42, 42
भावार्थ और शब्दार्थ
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1एकु छत्रु एकु मुकुटमनि सब बरननि पर जोउ।
एक अक्षर छत्र है और दूसरा मुकुट की मणि; दोनों सभी अक्षरों के ऊपर सुशोभित हैं।
English explanation
One letter is a royal parasol and the other a crown jewel; the two stand above all letters.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एकु | एक अक्षर | one letter |
| छत्रु | छत्र | royal parasol |
| एकु | दूसरा अक्षर | the other letter |
| मुकुटमनि | मुकुट की मणि | crown jewel |
| सब | सभी | all |
| बरननि | अक्षरों | letters |
| पर | के ऊपर | above |
| जोउ | दोनों | the two |
2 तुलसी रघुबर नाम के बरन बिराजत दोउ।।20।।
तुलसी कहते हैं: रघुश्रेष्ठ राम के नाम के दोनों अक्षर इस प्रकार सुशोभित हैं।
English explanation
Tulsidas says: Thus shine the two letters of the name of Rama, the foremost of Raghu’s lineage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुलसी | कवि तुलसीदास कहते हैं | the poet Tulsidas says |
| रघुबर | रघुवंश में श्रेष्ठ राम | Rama, foremost of Raghu’s lineage |
| नाम | नाम | name |
| के | के | of |
| बरन | अक्षर | letters |
| बिराजत | सुशोभित हैं | shine resplendently |
| दोउ | दोनों | both |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 20
- स्रोत अभिलेख
- 1.2
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 42, 42
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