बालकाण्ड · दोहा 42 · दोहा/सोरठा
अवलोकनि बोलनि मिलनि प्रीति परसपर हास।
अवलोकनि बोलनि मिलनि प्रीति परसपर हास।
भायप भलि चहु बंधु की जल माधुरी सुबास।।42।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.42 · पुस्तक पृ. 64, 65
भावार्थ और शब्दार्थ
1 अवलोकनि बोलनि मिलनि प्रीति परसपर हास।
चारों भाइयों का एक-दूसरे को देखना, बोलना, मिलना, परस्पर प्रेम और हँसी—अगली पंक्ति के अनुसार—इस जल की मिठास और सुगंध हैं।
English explanation
The four brothers’ looking at one another, speaking, meeting, mutual affection, and laughter—as completed in the next line—are the water’s sweetness and fragrance.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अवलोकनि | एक-दूसरे को देखना | looking at one another |
| बोलनि | बोलना; बातचीत | speaking; conversation |
| मिलनि | मिलना | meeting |
| प्रीति | प्रेम | affection |
| परसपर | एक-दूसरे के प्रति; आपस में | mutually; with one another |
| हास | हँसी; हँसी-विनोद | laughter; shared merriment |
2 भायप भलि चहु बंधु की जल माधुरी सुबास।।42।।
चारों भाइयों का सुंदर भाईचारा, तथा पिछली पंक्ति में कही गई उनकी पारस्परिक आत्मीयता, इस नदी के जल की मिठास और सुगंध हैं।
English explanation
The fine brotherly bond of all four brothers, together with their affectionate interactions in the preceding line, is the sweetness and fragrance of this river’s water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भायप | भाईचारा; भ्रातृभाव | brotherhood; brotherly bond |
| भलि | सुंदर; उत्तम | fine; lovely |
| चहु | चारों | all four |
| बंधु | भाइयों | brothers |
| की | का; संबंधसूचक | of; possessive marker |
| जल | जल की | of the water |
| माधुरी | मिठास; माधुर्य | sweetness |
| सुबास | सुगंध | fragrance |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 42
- स्रोत अभिलेख
- 1.42
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 64, 65
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।