बालकाण्ड · दोहा 76 · दोहा/सोरठा
अब बिनती मम सुनेहु सिव जौं मो पर निज नेहु।
अब बिनती मम सुनेहु सिव जौं मो पर निज नेहु।
जाइ बिबाहहु सैलजहि यह मोहि मागें देहु।।76।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.76 · पुस्तक पृ. 92, 93
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1अब बिनती मम सुनेहु सिव जौं मो पर निज नेहु।
‘अब, हे शिव, यदि आपका मुझ पर अपना स्नेह है, तो मेरी विनती सुनिए।’
English explanation
‘Now, Shiva, if you have affection for me, listen to my request.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| बिनती | विनती; अनुरोध | request; plea |
| मम | मेरी | my |
| सुनेहु | सुनिए | listen to |
| सिव | हे शिव | O Shiva |
| जौं | यदि | if |
| मो | मुझ | me |
| पर | पर; के प्रति | toward |
| निज | अपना | your own |
| नेहु | स्नेह; प्रेम | affection; love |
2 जाइ बिबाहहु सैलजहि यह मोहि मागें देहु।।76।।
‘जाकर पर्वतपुत्री पार्वती से विवाह कीजिए; मेरी माँग पर मुझे यही दीजिए।’
English explanation
‘Go and marry Parvati, the mountain’s daughter; grant me this as my requested gift.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाइ | जाकर | having gone; go and |
| बिबाहहु | विवाह कीजिए | marry |
| सैलजहि | पर्वतपुत्री पार्वती से | Parvati, the mountain’s daughter |
| यह | यह | this |
| मोहि | मुझे | to me |
| मागें | मेरे माँगने पर; माँग के रूप में | upon my asking; as my request |
| देहु | दीजिए | give; grant |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 76
- स्रोत अभिलेख
- 1.76
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 92, 93
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