बालकाण्ड · छंद · छंद
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्ददीनोंपर दया करनेवाले, कौसल्याजीके हितकारी कृपालु प्रभु प्रकट हुए। मुनियोंके मनको हरनेवाले उनके अद्भुत रूपका विचार करके माता हर्षसे भर गयी। नेत्रोंको आनन्द देनेवाला मेघके समान श्यामशरीर था; चारों भुजाओंमें अपने (खास) आयुध [धारण किये हुए] थे; [दिव्य] आभूषण और वनमाला पहने थे; बड़े-बड़े नेत्र थे। इस प्रकार शोभाके समुद्र तथा खर राक्षसको मारनेवाले भगवान् प्रकट हुए॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 192 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी।।
लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी।
भूषन बनमाला नयन बिसाला सोभासिंधु खरारी।।
स्रोत अभिलेख 1.192 · पुस्तक पृ. 192, 193
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
English explanation
The gracious Lord, compassionate toward the lowly and beneficent to Kausalya, appeared.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भए | हुए | became |
| प्रगट | प्रकट | manifest |
| कृपाला | कृपालु प्रभु | the gracious Lord |
| दीनदयाला | दीनों पर दया करने वाले | compassionate toward the lowly |
| कौसल्या | माता कौसल्या के | to Kausalya, Rama’s mother |
| हितकारी | हित करने वाले | beneficent |
2 हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी।।
English explanation
The mother rejoiced as she contemplated the wondrous form that captivates sages’ hearts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरषित | आनंदित | delighted |
| महतारी | माता कौसल्या | mother Kausalya |
| मुनि | मुनियों के | of sages |
| मन | मन | hearts |
| हारी | मोहने वाला | captivating |
| अद्भुत | अद्भुत | wondrous |
| रूप | स्वरूप | form |
| बिचारी | विचार करके | having contemplated |
3 लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी।
English explanation
His form delighted the eyes; his body was dark like a rain cloud, and his four arms bore his own weapons.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लोचन | आँखों को | to the eyes |
| अभिरामा | सुख देने वाला | delightful |
| तनु | शरीर | body |
| घनस्यामा | मेघ के समान श्याम | dark like a rain cloud |
| निज | अपने | his own |
| आयुध | आयुध | weapons |
| भुज | भुजाएँ | arms |
| चारी | चार | four |
4 भूषन बनमाला नयन बिसाला सोभासिंधु खरारी।।
English explanation
A garland of forest flowers adorned him, his eyes were large, and the Lord, foe of Khara, was an ocean of beauty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूषन | आभूषण | adornment |
| बनमाला | वन के फूलों की माला | garland of forest flowers |
| नयन | आँखें | eyes |
| बिसाला | विशाल | large |
| सोभासिंधु | शोभा के सागर | ocean of beauty |
| खरारी | खर राक्षस के शत्रु राम | Rama, foe of the demon Khara |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.192
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 192
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 192, 193
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।