बालकाण्ड · दोहा 191 · दोहा/सोरठा
सुर समूह बिनती करि पहुँचे निज निज धाम।
सुर समूह बिनती करि पहुँचे निज निज धाम।
जगनिवास प्रभु प्रगटे अखिल लोक बिश्राम।।191।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.191 · पुस्तक पृ. 191, 192
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सुर समूह बिनती करि पहुँचे निज निज धाम।
देवताओं के समूह विनती करके अपने-अपने धाम पहुँच गए।
English explanation
After offering their supplications, the groups of gods returned to their respective abodes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवताओं के | of gods |
| समूह | समूह | groups |
| बिनती | विनती; प्रार्थना | supplication; prayer |
| करि | करके | having offered |
| पहुँचे | पहुँच गए | arrived; returned |
| निज | अपने | their own |
| निज | अपने-अपने | respective |
| धाम | निवास-स्थान | abodes |
2 जगनिवास प्रभु प्रगटे अखिल लोक बिश्राम।।191।।
संसार के आश्रय और समस्त लोकों को विश्राम देने वाले प्रभु प्रकट हुए।
English explanation
The Lord, the dwelling-place of the universe and the repose of all worlds, manifested.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जगनिवास | जगत के निवास और आश्रय | the dwelling-place and refuge of the universe |
| प्रभु | प्रभु; यहाँ श्रीराम | the Lord, here Rama |
| प्रगटे | प्रकट हुए | manifested; appeared |
| अखिल | समस्त | all; entire |
| लोक | लोकों के; संसारों के | of the worlds |
| बिश्राम | विश्राम और शांति के आश्रय | the source of repose and peace |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 191
- स्रोत अभिलेख
- 1.191
- सहायक विषय
- राजा दशरथका पुत्रेष्टि यज्ञ, रानियोंका गर्भवती होना
- मुद्रित पृष्ठ
- 191, 192
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