बालकाण्ड · छंद · छंद
बर कुअँरि करतल जोरि साखोचारु दोउ कुलगुर करैं।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्ददोनों कुलोंके गुरु वर और कन्याकी हथेलियोंको मिलाकर शाखोच्चार करने लगे। पाणिग्रहण हुआ देखकर ब्रह्मादि देवता, मनुष्य और मुनि आनन्दमें भर गये। सुखके मूल दूलहको देखकर राजा-रानीका शरीर पुलकित हो गया और हृदय आनन्दसे उमँग उठा। राजाओंके अलङ्कारस्वरूप महाराज जनकजीने लोक और वेदकी रीतिको करके कन्यादान किया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 306 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बर कुअँरि करतल जोरि साखोचारु दोउ कुलगुर करैं।
भयो पानिगहनु बिलोकि बिधि सुर मनुज मुनि आनँद भरैं॥
सुखमूल दूलहु देखि दंपति पुलक तन हुलस्यो हियो।
करि लोक बेद बिधानु कन्यादानु नृपभूषन कियो॥
स्रोत अभिलेख 1.324 · पुस्तक पृ. 305, 306
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1बर कुअँरि करतल जोरि साखोचारु दोउ कुलगुर करैं।
English explanation
The groom Rama and the bride Sita join their palms; the two family preceptors recite the genealogies.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बर | वर राम | the groom, Rama |
| कुअँरि | कन्या सीता | the bride, Sita |
| करतल | हथेलियाँ | palms |
| जोरि | जोड़कर | joining |
| साखोचारु | वंशावली का उच्चारण | recitation of genealogies |
| दोउ | दोनों | both |
| कुलगुर | कुलगुरु | family preceptors |
| करैं | करते हैं | perform |
2भयो पानिगहनु बिलोकि बिधि सुर मनुज मुनि आनँद भरैं॥
English explanation
The hand-taking marriage rite took place; seeing the ceremony, gods, humans, and sages were filled with joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भयो | हुआ | took place |
| पानिगहनु | विवाह का पाणिग्रहण संस्कार | the marriage hand-taking rite |
| बिलोकि | देखकर | seeing |
| बिधि | विवाह-विधि | the wedding rite |
| सुर | देवता | gods |
| मनुज | मनुष्य | humans |
| मुनि | मुनि | sages |
| आनँद | आनंद से | with joy |
| भरैं | भर जाते हैं | are filled |
3सुखमूल दूलहु देखि दंपति पुलक तन हुलस्यो हियो।
English explanation
Seeing Rama, the bridegroom and source of happiness, Janaka and his wife felt their bodies thrill and their hearts rejoice.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुखमूल | सुख के मूल | source of happiness |
| दूलहु | दूल्हे राम को | the bridegroom Rama |
| देखि | देखकर | seeing |
| दंपति | जनक और उनकी पत्नी | Janaka and his wife |
| पुलक | रोमांच | thrills |
| तन | शरीर में | in the body |
| हुलस्यो | उल्लसित हुआ | rejoiced |
| हियो | हृदय | the heart |
4करि लोक बेद बिधानु कन्यादानु नृपभूषन कियो॥
English explanation
Janaka, an ornament among kings, performed the customary and Vedic rites and gave his daughter in marriage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | पूरा करके | performing |
| लोक | लोकाचार की | of customary practice |
| बेद | वेद की | of the Vedas |
| बिधानु | विधि | prescribed rites |
| कन्यादानु | कन्या को विवाह में देना | giving the daughter in marriage |
| नृपभूषन | राजाओं के भूषण जनक | Janaka, ornament among kings |
| कियो | किया | performed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.324
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 306
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 305, 306
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।