बालकाण्ड · छंद · छंद
दाइज दियो बहु भाँति पुनि कर जोरि हिमभूधर कह्यो।
मूल पाठ
दाइज दियो बहु भाँति पुनि कर जोरि हिमभूधर कह्यो।
का देउँ पूरनकाम संकर चरन पंकज गहि रह्यो॥
सिवँ कृपासागर ससुर कर संतोषु सब भाँतिहिं कियो।
पुनि गहे पद पाथोज मयनाँ प्रेम परिपूरन हियो॥
स्रोत अभिलेख 1.101 · पुस्तक पृ. 115, 115
भावार्थ
मूल पाठ के बादबहुत प्रकारका दहेज देकर, फिर हाथ जोड़कर हिमाचलने कहा—हे शङ्कर! आप पूर्णकाम हैं, मैं आपको क्या दे सकता हूँ? [इतना कहकर] वे शिवजीके चरणकमल पकड़कर रह गये। तब कृपाके सागर शिवजीने अपने ससुरका सभी प्रकारसे समाधान किया। फिर प्रेमसे परिपूर्णहृदय मैनाजीने शिवजीके चरणकमल पकड़े [और कहा—]।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 116 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1दाइज दियो बहु भाँति पुनि कर जोरि हिमभूधर कह्यो।
English explanation
AI-draft meaning: Himavan gave many kinds of wedding gifts, then joined his hands and spoke.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दाइज | विवाह में दिए जाने वाले उपहार | wedding gifts |
| दियो | दिए | gave |
| बहु | अनेक | many |
| भाँति | प्रकार के | kinds of |
| पुनि | फिर | then |
| कर | हाथ | hands |
| जोरि | जोड़कर | having joined |
| हिमभूधर | हिमवान, पार्वती के पिता | Himavan, Parvati’s father |
| कह्यो | कहा | said |
2का देउँ पूरनकाम संकर चरन पंकज गहि रह्यो॥
English explanation
AI-draft meaning: ‘O Shankara, whose desires are all fulfilled, what can I give you?’ Himavan remained holding his lotus feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| का | क्या | what |
| देउँ | मैं दूँ | may I give |
| पूरनकाम | जिनकी सभी कामनाएँ पूर्ण हैं | whose desires are all fulfilled |
| संकर | हे शंकर, शिव | O Shankara, Shiva |
| चरन | चरण | feet |
| पंकज | कमल | lotuses |
| गहि | पकड़कर | holding |
| रह्यो | रहे | remained |
3सिवँ कृपासागर ससुर कर संतोषु सब भाँतिहिं कियो।
English explanation
AI-draft meaning: Shiva, the ocean of compassion, satisfied his father-in-law in every way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिवँ | शिव ने | Shiva |
| कृपासागर | कृपा के सागर | ocean of compassion |
| ससुर | ससुर, हिमवान | father-in-law, Himavan |
| कर | का | of |
| संतोषु | संतोष | satisfaction |
| सब | सभी | all |
| भाँतिहिं | प्रकार से | in ways |
| कियो | किया | brought about |
4पुनि गहे पद पाथोज मयनाँ प्रेम परिपूरन हियो॥
English explanation
AI-draft meaning: Then Maina held Shiva’s lotus feet, her heart filled with love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| गहे | पकड़े | held |
| पद | चरण | feet |
| पाथोज | कमल | lotuses |
| मयनाँ | मैना ने, पार्वती की माता ने | Maina, Parvati’s mother |
| प्रेम | प्रेम से | with love |
| परिपूरन | पूरी तरह भरा | completely filled |
| हियो | हृदय | heart |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.101
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 116
- सहायक विषय
- शिवजीका विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 115, 115
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।