बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दासीं दास तुरग रथ नागा। धेनु बसन मनि बस्तु बिभागा।।
मूल पाठ
दासीं दास तुरग रथ नागा। धेनु बसन मनि बस्तु बिभागा।।
अन्न कनकभाजन भरि जाना। दाइज दीन्ह न जाइ बखाना।।
स्रोत अभिलेख 1.101 · पुस्तक पृ. 115, 115
भावार्थ
मूल पाठ के बाददासी, दास, रथ, घोड़े, हाथी, गायें, वस्त्र और मणि आदि अनेक प्रकारकी चीजें, अन्न तथा सोनेके बर्तन गाडिय़ोंमें लदवाकर दहेजमें दिये, जिनका वर्णन नहीं हो सकता॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 115 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1दासीं दास तुरग रथ नागा। धेनु बसन मनि बस्तु बिभागा।।
English explanation
The wedding gifts included female and male servants, horses, chariots, elephants, cows, clothes, gems, and various kinds of goods.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दासीं | दासियाँ | female servants |
| दास | दास; सेवक | male servants |
| तुरग | घोड़े | horses |
| रथ | रथ | chariots |
| नागा | हाथी | elephants |
| धेनु | गायें | cows |
| बसन | वस्त्र | clothes |
| मनि | मणियाँ; रत्न | gems |
| बस्तु | वस्तुएँ | goods |
| बिभागा | विभिन्न प्रकार की | of various kinds |
2 अन्न कनकभाजन भरि जाना। दाइज दीन्ह न जाइ बखाना।।
English explanation
Vehicles were loaded with grain and golden vessels; the wedding gifts given were beyond description.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अन्न | अन्न; अनाज | grain; food provisions |
| कनकभाजन | सोने के पात्र | golden vessels |
| भरि | भरकर; लादकर | loading; filling |
| जाना | यान; वाहन | vehicles; conveyances |
| दाइज | विवाह में दिया जाने वाला दायज | dowry; wedding gifts |
| दीन्ह | दिया | gave |
| न | नहीं | not |
| जाइ | किया जा सकता | can be |
| बखाना | वर्णन | described |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.101
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 115
- सहायक विषय
- शिवजीका विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 115, 115
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।