बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बाजहिं बाजन बिबिध बिधाना। सुमनबृष्टि नभ भै बिधि नाना।।
मूल पाठ
बाजहिं बाजन बिबिध बिधाना। सुमनबृष्टि नभ भै बिधि नाना।।
हर गिरिजा कर भयउ बिबाहू। सकल भुवन भरि रहा उछाहू।।
स्रोत अभिलेख 1.101 · पुस्तक पृ. 115, 115
भावार्थ
मूल पाठ के बादअनेकों प्रकारके बाजे बजने लगे। आकाशसे नाना प्रकारके फूलोंकी वर्षा हुई। शिव-पार्वतीका विवाह हो गया। सारे ब्रह्माण्डमें आनन्द भर गया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 115 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बाजहिं बाजन बिबिध बिधाना। सुमनबृष्टि नभ भै बिधि नाना।।
English explanation
Musical instruments sounded in various ways, and flowers showered from the sky in many forms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बाजहिं | बज रहे थे | were sounding |
| बाजन | बाजे; वाद्ययंत्र | musical instruments |
| बिबिध | विविध; अनेक | various |
| बिधाना | प्रकारों से | in ways |
| सुमनबृष्टि | फूलों की वर्षा | a shower of flowers |
| नभ | आकाश से | from the sky |
| भै | हुई | occurred |
| बिधि | प्रकारों से | in ways |
| नाना | अनेक; नाना | many; diverse |
2 हर गिरिजा कर भयउ बिबाहू। सकल भुवन भरि रहा उछाहू।।
English explanation
Shiva and Parvati were married, and all the worlds were filled with joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हर | शिव | Shiva |
| गिरिजा | पर्वतपुत्री पार्वती | Parvati, daughter of the mountain |
| कर | का | of |
| भयउ | हुआ | took place |
| बिबाहू | विवाह | marriage |
| सकल | समस्त | all |
| भुवन | लोक; संसार | worlds |
| भरि | भरकर | filled |
| रहा | रहा; व्याप्त हो गया | became suffused |
| उछाहू | उत्साह; उल्लास | joy; festive delight |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.101
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 115
- सहायक विषय
- शिवजीका विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 115, 115
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।