बालकाण्ड · छंद · छंद
तेहि समय सुनिअ असीस जहँ तहँ नगर नभ आनँदु महा।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउस समय नगर और आकाशमें जहाँ सुनिये, वहीं आशीर्वादकी ध्वनि सुनायी दे रही है और महान् आनन्द छाया है। सभीने प्रसन्न मनसे कहा कि सुन्दर चारों जोडिय़ाँ चिरंजीवी हों। योगिराज, सिद्ध, मुनीश्वर और देवताओंने प्रभु श्रीरामचन्द्रजीको देखकर दुन्दुभी बजायी और हॢषत होकर फूलोंकी वर्षा करते हुए तथा 'जय हो, जय हो,जय हो कहते हुए वे अपने-अपने लोकको चले॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 313 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तेहि समय सुनिअ असीस जहँ तहँ नगर नभ आनँदु महा।
चिरु जिअहुँ जोरीं चारु चार्यो मुदित मन सबहीं कहा॥
जोगींद्र सिद्ध मुनीस देव बिलोकि प्रभु दुंदुभि हनी।
चले हरषि बरषि प्रसून निज निज लोक जय जय जय भनी॥
स्रोत अभिलेख 1.327 · पुस्तक पृ. 311, 312
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1तेहि समय सुनिअ असीस जहँ तहँ नगर नभ आनँदु महा।
English explanation
At that time blessings are heard everywhere; great joy fills the city and the sky.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस | that |
| समय | समय | time |
| सुनिअ | सुनाई देती हैं | are heard |
| असीस | आशीषें | blessings |
| जहँ | जहाँ | wherever |
| तहँ | तहाँ | there |
| नगर | नगर में | in the city |
| नभ | आकाश में | in the sky |
| आनँदु | आनंद | joy |
| महा | महान | great |
2चिरु जिअहुँ जोरीं चारु चार्यो मुदित मन सबहीं कहा॥
English explanation
With joyful hearts everyone said, ‘May all four lovely couples live long!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चिरु | दीर्घ काल तक | long |
| जिअहुँ | जीवित रहो | may you live |
| जोरीं | जोड़ियाँ | couples |
| चारु | सुंदर | lovely |
| चार्यो | चारों | all four |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| मन | मन से | at heart |
| सबहीं | सबने | everyone |
| कहा | कहा | said |
3जोगींद्र सिद्ध मुनीस देव बिलोकि प्रभु दुंदुभि हनी।
English explanation
The foremost yogis, perfected sages, great seers, and gods beheld the Lord and sounded kettledrums.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जोगींद्र | श्रेष्ठ योगी | foremost yogis |
| सिद्ध | सिद्ध पुरुष | perfected sages |
| मुनीस | श्रेष्ठ मुनि | great seers |
| देव | देवता | gods |
| बिलोकि | देखकर | beholding |
| प्रभु | प्रभु राम को | Lord Rama |
| दुंदुभि | नगाड़े | kettledrums |
| हनी | बजाए | sounded |
4चले हरषि बरषि प्रसून निज निज लोक जय जय जय भनी॥
English explanation
Joyfully showering flowers and proclaiming ‘Victory! Victory! Victory!’, they departed for their respective realms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चले | चले गए | departed |
| हरषि | हर्षित होकर | rejoicing |
| बरषि | बरसाकर | showering |
| प्रसून | फूल | flowers |
| निज | अपने | their own |
| निज | अपने-अपने | respective |
| लोक | लोकों को | realms |
| जय | जय हो | victory |
| जय | जय हो | victory |
| जय | जय हो | victory |
| भनी | कहते हुए | proclaiming |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.327
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 313
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 311, 312
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।