बालकाण्ड · छंद · छंद
तन खीन कोउ अति पीन पावन कोउ अपावन गति धरें।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दकोई बहुत दुबला, कोई बहुत मोटा, कोई पवित्र और कोई अपवित्र वेष धारण किये हुए है। भयङ्कर गहने पहने हाथमें कपाल लिये हैं और सब-के-सब शरीरमें ताजा खून लपेटे हुए हैं। गधे, कुत्ते, सूअर और सियारके-से उनके मुख हैं। गणोंके अनगिनत वेषोंको कौन गिने? बहुत प्रकारके प्रेत, पिशाच और योगिनियोंकी जमातें हैं। उनका वर्णन करते नहीं बनता।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 107 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तन खीन कोउ अति पीन पावन कोउ अपावन गति धरें।
भूषन कराल कपाल कर सब सद्य सोनित तन भरें॥
खर स्वान सुअर सृकाल मुख गन बेष अगनित को गनै।
बहु जिनस प्रेत पिसाच जोगि जमात बरनत नहिं बनै॥
स्रोत अभिलेख 1.93 · पुस्तक पृ. 106, 107
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1तन खीन कोउ अति पीन पावन कोउ अपावन गति धरें।
English explanation
AI draft: Some have lean bodies, others are very stout; some assume pure forms or conditions, and others impure ones.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तन | शरीर | body |
| खीन | दुबला, क्षीण | lean, emaciated |
| कोउ | कोई | someone; some |
| अति | बहुत | very |
| पीन | मोटा, स्थूल | stout, corpulent |
| पावन | पवित्र | pure |
| कोउ | कोई | someone; some |
| अपावन | अपवित्र | impure |
| गति | रूप या अवस्था | form or condition |
| धरें | धारण किए हुए हैं | assume; bear |
2भूषन कराल कपाल कर सब सद्य सोनित तन भरें॥
English explanation
Their ornaments are fearsome, skulls are in their hands, and all their bodies are covered in fresh blood.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूषन | आभूषण | ornaments |
| कराल | भयानक | fearsome |
| कपाल | खोपड़ियाँ | skulls |
| कर | हाथों में | in their hands |
| सब | सभी | all |
| सद्य | ताज़ा | fresh |
| सोनित | रक्त | blood |
| तन | शरीर | bodies |
| भरें | भरे हुए, लथपथ | covered, drenched |
3खर स्वान सुअर सृकाल मुख गन बेष अगनित को गनै।
English explanation
The attendants have faces like donkeys, dogs, pigs, and jackals; who could count their innumerable guises?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| खर | गधा | donkey |
| स्वान | कुत्ता | dog |
| सुअर | सूअर | pig |
| सृकाल | सियार | jackal |
| मुख | मुख, चेहरे | faces |
| गन | शिव के गण, अनुचर | Shiva’s attendants |
| बेष | वेश, रूप | guises, forms |
| अगनित | असंख्य | innumerable |
| को | कौन | who |
| गनै | गिने, गिन सकता है | could count |
4बहु जिनस प्रेत पिसाच जोगि जमात बरनत नहिं बनै॥
English explanation
This gathering of many kinds of ghosts, ghouls, and yogis defies description.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहु | अनेक | many |
| जिनस | प्रकार, किस्में | kinds, varieties |
| प्रेत | प्रेत, मृतात्माएँ | ghosts, spirits of the dead |
| पिसाच | पिशाच | ghouls |
| जोगि | योगी | yogis, ascetics |
| जमात | जमात, समूह | gathering, company |
| बरनत | वर्णन करते | in describing |
| नहिं | नहीं | not |
| बनै | हो पाता, संभव होता | is possible; can be done |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.93
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 107
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 106, 107
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।