बालकाण्ड · छंद · छंद
जोगी अकंटक भए पति गति सुनत रति मुरुछित भई।
मूल पाठ
जोगी अकंटक भए पति गति सुनत रति मुरुछित भई।
रोदति बदति बहु भाँति करुना करति संकर पहिं गई॥
अति प्रेम करि बिनती बिबिध बिधि जोरि कर सन्मुख रही।
प्रभु आसुतोष कृपाल सिव अबला निरखि बोले सही॥
स्रोत अभिलेख 1.87 · पुस्तक पृ. 101, 102
भावार्थ
मूल पाठ के बादयोगी निष्कंटक हो गये, कामदेवकी स्त्री रति अपने पतिकी यह दशा सुनते ही मूॢच्छत हो गयी। रोती-चिल्लाती और भाँति-भाँतिसे करुणा करती हुई वह शिवजीके पास गयी। अत्यन्त प्रेमके साथ अनेकों प्रकारसे विनती करके हाथ जोड़कर सामने खड़ी हो गयी। शीघ्र प्रसन्न होनेवाले कृपालु शिवजी अबला (असहाया स्त्री) को देखकर सुन्दर (उसको सान्त्वना देनेवाले) वचन बोले—
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 102 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1जोगी अकंटक भए पति गति सुनत रति मुरुछित भई।
English explanation
AI draft: The yogis became free of hindrance. Hearing what had happened to her husband, the god of desire, Rati fainted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जोगी | योगी; योग-साधना करने वाले | yogis; practitioners of yoga |
| अकंटक | बाधा से मुक्त | free of hindrance |
| भए | हो गए | became |
| पति | पति कामदेव की | of her husband, the god of desire |
| गति | दशा; जो उनके साथ हुआ | fate; what had happened to him |
| सुनत | सुनते ही | upon hearing |
| रति | कामदेव की पत्नी रति | Rati, wife of the god of desire |
| मुरुछित | मूर्छित; बेहोश | unconscious; faint |
| भई | हो गई | became |
2रोदति बदति बहु भाँति करुना करति संकर पहिं गई॥
English explanation
Weeping, speaking in many ways, and lamenting piteously, Rati went to Shiva.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रोदति | रोती हुई | weeping |
| बदति | कहती हुई | speaking |
| बहु | अनेक | many |
| भाँति | प्रकार से | in ways |
| करुना | करुण विलाप | piteous lamentation |
| करति | करती हुई | making; doing |
| संकर | शंकर; शिव | Shiva |
| पहिं | के पास | to; near |
| गई | गई | went |
3अति प्रेम करि बिनती बिबिध बिधि जोरि कर सन्मुख रही।
English explanation
Having pleaded in various ways with deep love, she stood before Shiva with her hands joined.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | अत्यंत | very; exceedingly |
| प्रेम | प्रेम से | with love |
| करि | करके | having made |
| बिनती | विनती; प्रार्थना | pleas; supplication |
| बिबिध | अनेक | various |
| बिधि | रीतियों से | in ways |
| जोरि | जोड़कर | having joined |
| कर | हाथ | hands |
| सन्मुख | सामने | before him |
| रही | खड़ी रही | remained standing |
4प्रभु आसुतोष कृपाल सिव अबला निरखि बोले सही॥
English explanation
The compassionate Lord Shiva, who is quickly pleased, saw the helpless woman and spoke words of truth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु; स्वामी | Lord |
| आसुतोष | शीघ्र प्रसन्न होने वाले | quickly pleased |
| कृपाल | कृपालु | compassionate |
| सिव | शिव | Shiva |
| अबला | असहाय स्त्री रति को | the helpless woman, Rati |
| निरखि | देखकर | having seen |
| बोले | कहा | spoke |
| सही | सत्य; यथार्थ वचन | truly; words of truth |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.87
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 102
- सहायक विषय
- कामदेवका देवकार्यके लिये जाना और भस्म होना · रतिको वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 101, 102
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।