बालकाण्ड · छंद · छंद
जनु बाजि बेषु बनाइ मनसिजु राम हित अति सोहई।
मूल पाठ
जनु बाजि बेषु बनाइ मनसिजु राम हित अति सोहई।
आपनें बय बल रूप गुन गति सकल भुवन बिमोहई॥
जगमगत जीनु जराव जोति सुमोति मनि मानिक लगे।
किंकिनि ललाम लगामु ललित बिलोकि सुर नर मुनि ठगे॥
स्रोत अभिलेख 1.316 · पुस्तक पृ. 296, 297
भावार्थ
मूल पाठ के बादमानो श्रीरामचन्द्रजीके लिये कामदेव घोड़ेका वेष बनाकर अत्यन्त शोभित हो रहा है। वह अपनी अवस्था, बल, रूप, गुण और चालसे समस्त लोकोंको मोहित कर रहा है। सुन्दर मोती, मणि और माणिक्य लगी हुई जड़ाऊ जीन ज्योतिसे जगमगा रहा है। उसकी सुन्दर घुँघरू लगी ललित लगामको देखकर देवता, मनुष्य और मुनि सभी ठगे जाते हैं।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 297 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1जनु बाजि बेषु बनाइ मनसिजु राम हित अति सोहई।
English explanation
AI draft: It is as though the god of love has assumed a horse’s form for Rama and looks exceedingly splendid.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनु | मानो | as though |
| बाजि | घोड़े का | a horse’s |
| बेषु | वेश; रूप | guise; form |
| बनाइ | बनाकर; धारण करके | having fashioned or assumed |
| मनसिजु | कामदेव | the god of love |
| राम | श्रीराम | Rama |
| हित | के लिए; के निमित्त | for; for the sake of |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| सोहई | शोभायमान होता है | looks splendid |
2आपनें बय बल रूप गुन गति सकल भुवन बिमोहई॥
English explanation
With his age, strength, beauty, qualities, and gait, he enchants the entire world.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आपनें | अपने; अपनी विशेषताओं से | with his own |
| बय | आयु; अवस्था | age; stage of maturity |
| बल | शक्ति | strength |
| रूप | सुंदर रूप | beauty |
| गुन | गुण | qualities |
| गति | चाल | gait |
| सकल | समस्त | entire |
| भुवन | संसार | world |
| बिमोहई | मुग्ध करता है | enchants |
3जगमगत जीनु जराव जोति सुमोति मनि मानिक लगे।
English explanation
The saddle sparkles with the brilliance of its jeweled decoration; fine pearls, gems, and rubies are set into it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जगमगत | जगमगाती हुई | sparkling |
| जीनु | घोड़े की काठी; जीन | the horse’s saddle |
| जराव | रत्नों की जड़ाई; जड़ाऊ सजावट | jewel settings; jeweled decoration |
| जोति | चमक; प्रकाश | brilliance; radiance |
| सुमोति | सुंदर मोती | fine pearls |
| मनि | रत्न | gems |
| मानिक | माणिक; लाल रत्न | rubies |
| लगे | जड़े हुए हैं | are set into it |
4किंकिनि ललाम लगामु ललित बिलोकि सुर नर मुनि ठगे॥
English explanation
Seeing the lovely little bells and graceful bridle, gods, humans, and sages were spellbound.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| किंकिनि | छोटी घंटियाँ | little bells |
| ललाम | सुंदर; शोभायुक्त | lovely; ornamental |
| लगामु | घोड़े की लगाम | the horse’s bridle |
| ललित | मनोहर | graceful; charming |
| बिलोकि | देखकर | having seen |
| सुर | देवता | gods |
| नर | मनुष्य | humans |
| मुनि | मुनि; ऋषि | sages |
| ठगे | मुग्ध रह गए | were spellbound |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.316
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 297
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 296, 297
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।