बालकाण्ड · छंद · छंद
जगु जान षन्मुख जन्मु कर्मु प्रतापु पुरुषारथु महा।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दषडानन (स्वामिकाॢतक)के जन्म, कर्म, प्रताप और महान् पुरुषार्थको सारा जगत् जानता है। इसलिये मैंने वृषकेतु (शिवजी) के पुत्रका चरित्र संक्षेपसे ही कहा है। शिव-पार्वतीके विवाहकी इस कथाको जो स्त्री-पुरुष कहेंगे और गायेंगे, वे कल्याणके कार्यों और विवाहादि मङ्गलोंमें सदा सुख पावेंगे।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 118 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जगु जान षन्मुख जन्मु कर्मु प्रतापु पुरुषारथु महा।
तेहि हेतु मैं बृषकेतु सुत कर चरित संछेपहिं कहा॥
यह उमा संभु बिबाहु जे नर नारि कहहिं जे गावहीं।
कल्यान काज बिबाह मंगल सर्बदा सुखु पावहीं॥
स्रोत अभिलेख 1.103 · पुस्तक पृ. 117, 118
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1जगु जान षन्मुख जन्मु कर्मु प्रतापु पुरुषारथु महा।
English explanation
The world knows the birth, deeds, glory, and great prowess of six-faced Kartikeya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जगु | संसार | the world |
| जान | जानता है | knows |
| षन्मुख | छह मुख वाले कार्तिकेय के | of six-faced Kartikeya |
| जन्मु | जन्म | birth |
| कर्मु | कर्म और कार्य | deeds |
| प्रतापु | प्रताप | glory and might |
| पुरुषारथु | पराक्रम | prowess |
| महा | महान | great |
2तेहि हेतु मैं बृषकेतु सुत कर चरित संछेपहिं कहा॥
English explanation
For that reason, I have briefly recounted the life and deeds of Kartikeya, son of Shiva, whose banner bears a bull.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उसी | that very |
| हेतु | कारण से | for the reason |
| मैं | मैंने | I |
| बृषकेतु | वृषभध्वज शिव के | of Shiva, the bull-bannered one |
| सुत | पुत्र | son |
| कर | का | of |
| चरित | जीवन और कर्मों का वृत्तांत | account of life and deeds |
| संछेपहिं | संक्षेप में | briefly |
| कहा | कहा | recounted |
3यह उमा संभु बिबाहु जे नर नारि कहहिं जे गावहीं।
English explanation
Those men and women who recount this wedding of Uma and Shiva, and those who sing it—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| उमा | पार्वती | Uma, Parvati |
| संभु | शिव | Shiva |
| बिबाहु | विवाह का वृत्तांत | wedding account |
| जे | जो | who |
| नर | पुरुष | men |
| नारि | स्त्रियाँ | women |
| कहहिं | कहते हैं | recount |
| जे | जो | who |
| गावहीं | गाते हैं | sing |
4कल्यान काज बिबाह मंगल सर्बदा सुखु पावहीं॥
English explanation
They always find happiness in auspicious undertakings, weddings, and festive occasions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कल्यान | शुभ | auspicious |
| काज | कार्यों में | in undertakings |
| बिबाह | विवाह में | at weddings |
| मंगल | मंगल अवसरों में | on festive occasions |
| सर्बदा | सदा | always |
| सुखु | सुख | happiness |
| पावहीं | पाते हैं | obtain |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.103
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 118
- सहायक विषय
- शिवजीका विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 117, 118
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।