बालकाण्ड · छंद · छंद
चलि ल्याइ सीतहि सखीं सादर सजि सुमंगल भामिनीं।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसुन्दर मङ्गलका साज सजकर [रनिवासकी] स्त्रियाँ और सखियाँ आदरसहित सीताजीको लिवा चलीं। सभी सुन्दरियाँ सोलहों शंृगार किये हुए मतवाले हाथियोंकी चालसे चलनेवाली हैं। उनके मनोहर गानको सुनकर मुनि ध्यान छोड़ देते हैं और कामदेवकी कोयलें भी लजा जाती हैं। पायजेब, पैंजनी और सुन्दर कंकण तालकी गतिपर बड़े सुन्दर बज रहे हैं।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 303 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
चलि ल्याइ सीतहि सखीं सादर सजि सुमंगल भामिनीं।
नवसप्त साजे सुंदरीं सब मत्त कुंजर गामिनीं॥
कल गान सुनि मुनि ध्यान त्यागहिं काम कोकिल लाजहीं।
मंजीर नूपुर कलित कंकन ताल गति बर बाजहीं॥
स्रोत अभिलेख 1.322 · पुस्तक पृ. 303, 303
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1चलि ल्याइ सीतहि सखीं सादर सजि सुमंगल भामिनीं।
English explanation
AI-generated draft: The companions came bringing Sita respectfully, having adorned her with auspicious finery.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चलि | चलकर | having gone |
| ल्याइ | ले आईं | brought |
| सीतहि | सीता को | Sita, as the object |
| सखीं | सखियाँ | female companions |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| सजि | सजाकर | having adorned |
| सुमंगल | अत्यंत शुभ मंगल-सज्जा से | with auspicious finery |
| भामिनीं | सुंदरी सीता को | the beautiful lady, Sita |
2नवसप्त साजे सुंदरीं सब मत्त कुंजर गामिनीं॥
English explanation
The beautiful women wore the sixteen adornments; all moved with the stately gait of an elephant in rut.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नवसप्त | सोलह शृंगार | the sixteen adornments |
| साजे | सज्जित थीं | were adorned |
| सुंदरीं | सुंदर स्त्रियाँ | beautiful women |
| सब | सभी | all |
| मत्त | मदमस्त | in rut |
| कुंजर | हाथी | elephant |
| गामिनीं | वैसी चाल से चलने वाली स्त्रियाँ | women moving with such a gait |
3कल गान सुनि मुनि ध्यान त्यागहिं काम कोकिल लाजहीं।
English explanation
Hearing their sweet singing, sages abandon meditation; even the god of love and the cuckoos are put to shame.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कल | मधुर | sweet and melodious |
| गान | गायन | singing |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| मुनि | मुनि लोग | sages |
| ध्यान | ध्यान | meditation |
| त्यागहिं | छोड़ देते हैं | abandon |
| काम | कामदेव | the god of love |
| कोकिल | कोयलें | cuckoos |
| लाजहीं | लजा जाते हैं | are put to shame |
4मंजीर नूपुर कलित कंकन ताल गति बर बाजहीं॥
English explanation
Anklets, foot-bells, and the bangles they wear chime in lovely rhythm with their movements.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंजीर | पायल | anklets |
| नूपुर | पैरों के घुँघरूदार आभूषण | bell-bearing foot ornaments |
| कलित | धारण किए हुए; सजे हुए | worn; adorning them |
| कंकन | कंगन | bangles |
| ताल | ताल में | in rhythm |
| गति | चाल के साथ | with their movement |
| बर | सुंदर | lovely |
| बाजहीं | बजते हैं | chime |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.322
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 303
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 303, 303
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।