बालकाण्ड · छंद · छंद
कोहबरहिं आने कुअँर कुअँरि सुआसिनिन्ह सुख पाइ कै।
मूल पाठ
कोहबरहिं आने कुअँर कुअँरि सुआसिनिन्ह सुख पाइ कै।
अति प्रीति लौकिक रीति लागीं करन मंगल गाइ कै॥
लहकौरि गौरि सिखाव रामहि सीय सन सारद कहैं।
रनिवासु हास बिलास रस बस जन्म को फलु सब लहैं॥
स्रोत अभिलेख 1.327 · पुस्तक पृ. 311, 312
भावार्थ
मूल पाठ के बादसुहागिनी स्त्रियाँ सुख पाकर कुँअर और कुमारियोंको कोहबर (कुलदेवताके स्थान) में लायीं और अत्यन्त प्रेमसे मङ्गलगीत गा-गाकर लौकिक रीति करने लगीं। पार्वतीजी श्रीरामचन्द्रजीको लहकौर (वर-वधूका परस्पर ग्रास देना) सिखाती हैं और सरस्वतीजी सीताजीको सिखाती हैं। रनिवास हास-विलासके आनन्दमें मग्न है, [श्रीरामजी और सीताजीको देख-देखकर] सभी जन्मका परम फल प्राप्त कर रही हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 312 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1कोहबरहिं आने कुअँर कुअँरि सुआसिनिन्ह सुख पाइ कै।
English explanation
The married women joyfully brought the princes and princesses into the wedding chamber.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोहबरहिं | कोहबर में | into the wedding chamber |
| आने | ले आईं | brought |
| कुअँर | कुमारों को | the princes |
| कुअँरि | कुमारियों को | the princesses |
| सुआसिनिन्ह | सुहागिन स्त्रियों ने | the married women |
| सुख | आनंद | joy |
| पाइ | पाकर | having obtained |
| कै | करके | having |
2अति प्रीति लौकिक रीति लागीं करन मंगल गाइ कै॥
English explanation
With great affection, they began performing customary wedding rites while singing auspicious songs.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | बहुत | great |
| प्रीति | प्रेम से | with affection |
| लौकिक | लोकाचार की | customary |
| रीति | रस्में | rites |
| लागीं | लगीं | began |
| करन | करने | to perform |
| मंगल | मंगलगीत | auspicious songs |
| गाइ | गाकर | singing |
| कै | करके | having |
3लहकौरि गौरि सिखाव रामहि सीय सन सारद कहैं।
English explanation
Gauri teaches Rama the wedding rite of feeding a morsel, while Sarasvati instructs Sita.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लहकौरि | वर-वधू के परस्पर ग्रास खिलाने की रस्म | the bride and groom's ritual feeding of morsels |
| गौरि | पार्वती देवी | Gauri, goddess Parvati |
| सिखाव | सिखाती हैं | teaches |
| रामहि | राम को | to Rama |
| सीय | सीता | Sita, the bride |
| सन | से | to |
| सारद | सरस्वती देवी | goddess Sarasvati |
| कहैं | कहती हैं | instructs |
4रनिवासु हास बिलास रस बस जन्म को फलु सब लहैं॥
English explanation
The women's quarters are immersed in laughter and playful delight; everyone receives life's fulfillment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रनिवासु | महल का स्त्री-अंतःपुर | the palace women's quarters |
| हास | हँसी | laughter |
| बिलास | आनंदमय खेल | playful enjoyment |
| रस | आनंद के रस | the delight |
| बस | में मग्न | absorbed in |
| जन्म | जीवन | life |
| को | का | of |
| फलु | फल | fulfillment |
| सब | सभी | everyone |
| लहैं | पाते हैं | receive |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.327
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 312
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 311, 312
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।