बालकाण्ड · छंद · छंद
करि बिनय सिय रामहि समरपी जोरि कर पुनि पुनि कहै।
मूल पाठ
करि बिनय सिय रामहि समरपी जोरि कर पुनि पुनि कहै।
बलि जाउँ तात सुजान तुम्ह कहुँ बिदित गति सब की अहै॥
परिवार पुरजन मोहि राजहि प्रानप्रिय सिय जानिबी।
तुलसीस सीलु सनेहु लखि निज किंकरी करि मानिबी॥
स्रोत अभिलेख 1.336 · पुस्तक पृ. 320, 320
भावार्थ
मूल पाठ के बादविनती करके उन्होंने सीताजीको श्रीरामचन्द्रजीको समॢपत किया और हाथ जोड़कर बार- बार कहा—हे तात! हे सुजान! मैं बलि जाती हूँ, तुमको सबकी गति (हाल) मालूम है। परिवारको, पुरवासियोंको, मुझको और राजाको सीता प्राणोंके समान प्रिय है, ऐसा जानियेगा। हे तुलसीके स्वामी! इसके शील और स्नेहको देखकर इसे अपनी दासी करके मानियेगा।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 320 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1करि बिनय सिय रामहि समरपी जोरि कर पुनि पुनि कहै।
English explanation
AI draft: Having humbly entrusted Sita to Rama, Janaka joins his hands and speaks repeatedly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having made |
| बिनय | विनय; नम्र निवेदन | a humble entreaty |
| सिय | सीता को | Sita |
| रामहि | राम को | to Rama |
| समरपी | सौंपकर | having entrusted |
| जोरि | जोड़कर | having joined |
| कर | हाथ | his hands |
| पुनि | फिर | again |
| पुनि | फिर | again |
| कहै | कहते हैं | says |
2बलि जाउँ तात सुजान तुम्ह कहुँ बिदित गति सब की अहै॥
English explanation
Dear wise son, I offer myself to you in loving devotion; you know everyone's condition.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बलि | बलिहारी | in loving self-offering |
| जाउँ | जाऊँ | may I offer myself |
| तात | हे प्रिय पुत्र | dear son |
| सुजान | हे सुबुद्धि और जानकार | O wise and discerning one |
| तुम्ह | तुम | you |
| कहुँ | को | to |
| बिदित | ज्ञात | known |
| गति | दशा; स्थिति | condition |
| सब | सब लोगों | everyone |
| की | की | of |
| अहै | है | is |
3परिवार पुरजन मोहि राजहि प्रानप्रिय सिय जानिबी।
English explanation
Know that Sita is as dear as life itself to the family, the townspeople, me, and King Dasharatha.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परिवार | परिवार को | to the family |
| पुरजन | नगरवासियों को | to the townspeople |
| मोहि | मुझे | to me |
| राजहि | राजा दशरथ को | to King Dasharatha |
| प्रानप्रिय | प्राणों के समान प्रिय | as dear as life itself |
| सिय | सीता को | Sita |
| जानिबी | जानिए | please know |
4तुलसीस सीलु सनेहु लखि निज किंकरी करि मानिबी॥
English explanation
O Rama, Tulsi's lord, seeing Sita's good character and affection, regard her as your own handmaid.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुलसीस | हे तुलसी के स्वामी राम | O Rama, Tulsi's lord |
| सीलु | शील; सदाचरण | good character |
| सनेहु | स्नेह | affection |
| लखि | देखकर | having observed |
| निज | अपनी | your own |
| किंकरी | सेविका | handmaid |
| करि | के रूप में | as |
| मानिबी | मानिए; स्वीकार कीजिए | please regard; accept |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.336
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 320
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 320, 320
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।