बालकाण्ड · छंद · छंद
उपमा न कोउ कह दास तुलसी कतहुँ कबि कोबिद कहैं।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्ददास तुलसी कहता है कवि और कोविद (विद्वान्) कहते हैं, इनकी उपमा कहीं कोई नहीं है। बल, विनय, विद्या, शील और शोभाके समुद्र इनके समान ये ही हैं। जनकपुरकी सब स्त्रियाँ आँचल फैलाकर विधाताको यह वचन (विनती) सुनाती हैं कि चारों भाइयोंका विवाह इसी नगरमें हो और हम सब सुन्दर मङ्गल गावें।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 293 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
उपमा न कोउ कह दास तुलसी कतहुँ कबि कोबिद कहैं।
बल बिनय बिद्या सील सोभा सिं धु इन्ह से एइ अहैं॥
पुर नारि सकल पसारि अंचल बिधिहि बचन सुनावहीं।
ब्याहिअहुँ चारिउ भाइ एहिं पुर हम सुमंगल गावहीं॥
स्रोत अभिलेख 1.311 · पुस्तक पृ. 292, 292
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1उपमा न कोउ कह दास तुलसी कतहुँ कबि कोबिद कहैं।
English explanation
The servant Tulsidas says that there is no comparison for them; poets and learned people can name no equal anywhere.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उपमा | तुलना; समान उदाहरण | comparison; comparable example |
| न | नहीं | not |
| कोउ | कोई | any; anyone |
| कह | कहते हैं | says |
| दास | सेवक | servant; devotee |
| तुलसी | कवि तुलसीदास | the poet Tulsidas |
| कतहुँ | कहीं भी | anywhere |
| कबि | कवि | poets |
| कोबिद | विद्वान; काव्य के जानकार | learned people; connoisseurs of poetry |
| कहैं | कहें; बता सकें | may say; can name |
2बल बिनय बिद्या सील सोभा सिं धु इन्ह से एइ अहैं॥
English explanation
They are oceans of strength, humility, learning, good character, and beauty; only they themselves are their equals.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बल | शक्ति | strength |
| बिनय | विनम्रता | humility |
| बिद्या | विद्या; ज्ञान | learning; knowledge |
| सील | सदाचार; अच्छा स्वभाव | good character; noble conduct |
| सोभा | सुंदरता; शोभा | beauty; grace |
| सिं | संयुक्त ‘सिंधु’ में: सागर; यहाँ गुणों का भंडार। | As part of ‘सिंधु’: ocean; here, a repository of virtues. |
| धु | संयुक्त ‘सिंधु’ में: सागर; यहाँ गुणों का भंडार। | As part of ‘सिंधु’: ocean; here, a repository of virtues. |
| इन्ह | इनके | these; them |
| से | के समान | like; equal to |
| एइ | ये ही | these very ones; they alone |
| अहैं | हैं | are |
3पुर नारि सकल पसारि अंचल बिधिहि बचन सुनावहीं।
English explanation
All the women of the city spread their garment hems in supplication and address these words to the Creator.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुर | नगर की | of the city |
| नारि | स्त्रियाँ | women |
| सकल | सभी | all |
| पसारि | फैलाकर | having spread out |
| अंचल | आँचल | the loose hem of their garments |
| बिधिहि | विधाता को | to the Creator |
| बचन | वचन; बातें | words; petitions |
| सुनावहीं | सुनाती हैं; कहती हैं | tell; address |
4ब्याहिअहुँ चारिउ भाइ एहिं पुर हम सुमंगल गावहीं॥
English explanation
Have all four brothers married in this very city, so that we may sing auspicious wedding songs.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्याहिअहुँ | विवाह कराइए | have them married |
| चारिउ | चारों | all four |
| भाइ | भाइयों का | brothers |
| एहिं | इसी | this very |
| पुर | नगर में | in the city |
| हम | हम | we |
| सुमंगल | शुभ मंगल-गीत | auspicious wedding songs |
| गावहीं | गाएँ | may sing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.311
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 293
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 292, 292
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।