बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हृदयँ सराहत सीय लोनाई। गुर समीप गवने दोउ भाई।।
मूल पाठ
हृदयँ सराहत सीय लोनाई। गुर समीप गवने दोउ भाई।।
राम कहा सबु कौसिक पाहीं। सरल सुभाउ छुअत छल नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.237 · पुस्तक पृ. 231, 232
भावार्थ
मूल पाठ के बादहृदयमें सीताजीके सौन्दर्यकी सराहना करते हुए दोनों भाई गुरुजीके पास गये। श्रीरामचन्द्रजीने विश्वामित्रजीसे सब कुछ कह दिया। क्योंकि उनका सरल स्वभाव है, छल तो उसे छूता भी नहीं है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 231 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 हृदयँ सराहत सीय लोनाई। गुर समीप गवने दोउ भाई।।
English explanation
AI draft: Admiring Sita’s beauty in their hearts, the two brothers went to their teacher.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| सराहत | सराहते हुए | admiring |
| सीय | सीता की | of Sita |
| लोनाई | सुंदरता | beauty |
| गुर | गुरु विश्वामित्र के | of their teacher Vishvamitra |
| समीप | पास | near |
| गवने | गए | went |
| दोउ | दोनों | both |
| भाई | भाई, राम और लक्ष्मण | brothers, Rama and Lakshmana |
2 राम कहा सबु कौसिक पाहीं। सरल सुभाउ छुअत छल नाहीं।।
English explanation
Rama told Vishvamitra everything; his nature is straightforward, untouched by deceit.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम ने | Rama |
| कहा | कह दिया | told |
| सबु | सब कुछ | everything |
| कौसिक | विश्वामित्र मुनि | the sage Vishvamitra |
| पाहीं | से; उनके पास | to him |
| सरल | सरल, निष्कपट | straightforward, guileless |
| सुभाउ | स्वभाव | nature |
| छुअत | छूता | touches |
| छल | कपट | deceit |
| नाहीं | नहीं | not |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.237
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 231
- सहायक विषय
- श्रीसीताजीका पार्वती-पूजन एवं वरदानप्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 231, 232
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।