बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुमन पाइ मुनि पूजा कीन्ही। पुनि असीस दुहु भाइन्ह दीन्ही।।
मूल पाठ
सुमन पाइ मुनि पूजा कीन्ही। पुनि असीस दुहु भाइन्ह दीन्ही।।
सुफल मनोरथ होहुँ तुम्हारे। रामु लखनु सुनि भए सुखारे।।
स्रोत अभिलेख 1.237 · पुस्तक पृ. 231, 232
भावार्थ
मूल पाठ के बादफूल पाकर मुनिने पूजा की। फिर दोनों भाइयोंको आशीर्वाद दिया कि तुम्हारे मनोरथ सफल हों। यह सुनकर श्रीराम-लक्ष्मण सुखी हुए॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 231 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुमन पाइ मुनि पूजा कीन्ही। पुनि असीस दुहु भाइन्ह दीन्ही।।
English explanation
Receiving the flowers, the sage performed worship and then blessed both brothers.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुमन | फूल | flowers |
| पाइ | पाकर | having received |
| मुनि | विश्वामित्र मुनि ने | the sage Vishvamitra |
| पूजा | पूजा | worship |
| कीन्ही | की | performed |
| पुनि | फिर | then |
| असीस | आशीर्वाद | a blessing |
| दुहु | दोनों | both |
| भाइन्ह | भाइयों को | to the brothers |
| दीन्ही | दिया | gave |
2 सुफल मनोरथ होहुँ तुम्हारे। रामु लखनु सुनि भए सुखारे।।
English explanation
‘May your wishes be fulfilled.’ Hearing this, Rama and Lakshmana were delighted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुफल | सफल | fulfilled |
| मनोरथ | इच्छाएँ | wishes |
| होहुँ | हों | may they become |
| तुम्हारे | तुम्हारे | your |
| रामु | राम | Rama |
| लखनु | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| भए | हुए | became |
| सुखारे | प्रसन्न | happy |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.237
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 231
- सहायक विषय
- श्रीसीताजीका पार्वती-पूजन एवं वरदानप्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 231, 232
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।