बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हृदयँ अनुग्रह इंदु प्रकासा। सूचत किरन मनोहर हासा।।
मूल पाठ
हृदयँ अनुग्रह इंदु प्रकासा। सूचत किरन मनोहर हासा।।
कबहुँ उछंग कबहुँ बर पलना। मातु दुलारइ कहि प्रिय ललना।।
स्रोत अभिलेख 1.198 · पुस्तक पृ. 197, 198
भावार्थ
मूल पाठ के बादउनके हृदयमें कृपारूपी चन्द्रमा प्रकाशित है। उनकी मनको हरनेवाली हँसी उस (कृपारूपी चन्द्रमा) की किरणोंको सूचित करती है। कभी गोदमें [लेकर] और कभी उत्तम पालनेमें [लिटाकर] माता 'प्यारे ललना! कहकर दुलार करती है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 198 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 हृदयँ अनुग्रह इंदु प्रकासा। सूचत किरन मनोहर हासा।।
English explanation
The moon of grace shone in Rama’s heart; his charming smile, like its rays, revealed it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| अनुग्रह | कृपा का | of grace |
| इंदु | चंद्रमा | moon |
| प्रकासा | प्रकाशमान था | shone brightly |
| सूचत | सूचित करता; प्रकट करता | reveals; makes known |
| किरन | किरणें | rays |
| मनोहर | मन मोहने वाला | charming |
| हासा | हास; मुस्कान | smile |
2 कबहुँ उछंग कबहुँ बर पलना। मातु दुलारइ कहि प्रिय ललना।।
English explanation
Sometimes in her lap, sometimes in a fine cradle, his mother caressed him, calling him her darling child.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कबहुँ | कभी | sometimes |
| उछंग | गोद में | in the lap |
| कबहुँ | कभी | sometimes |
| बर | सुंदर; उत्तम | fine; lovely |
| पलना | पालने में | in the cradle |
| मातु | माता | mother |
| दुलारइ | दुलारती हैं | caresses affectionately |
| कहि | कहकर | calling |
| प्रिय | प्यारे | dear; beloved |
| ललना | बालक; लाल | child; darling son |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.198
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 198
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 197, 198
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