बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हरि हित सहित रामु जब जोहे। रमा समेत रमापति मोहे।।
मूल पाठ
हरि हित सहित रामु जब जोहे। रमा समेत रमापति मोहे।।
निरखि राम छबि बिधि हरषाने। आठइ नयन जानि पछिताने।।
स्रोत अभिलेख 1.317 · पुस्तक पृ. 297, 298
भावार्थ
मूल पाठ के बादभगवान् विष्णुने जब प्रेमसहित श्रीरामको देखा,तब वे [रमणीयताकी मूॢत] श्रीलक्ष्मीजीके पति श्रीलक्ष्मीजीसहित मोहित हो गये। श्रीरामचन्द्रजीकी शोभा देखकर ब्रह्माजी बड़े प्रसन्न हुए, पर अपने आठ ही नेत्र जानकर पछताने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 298 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 हरि हित सहित रामु जब जोहे। रमा समेत रमापति मोहे।।
English explanation
When Vishnu gazed lovingly at Rama, he was captivated, together with Lakshmi.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरि | विष्णु ने | Vishnu |
| हित | प्रेम | affection |
| सहित | सहित | with |
| रामु | राम को | at Rama |
| जब | जब | when |
| जोहे | देखा | gazed |
| रमा | लक्ष्मी | Lakshmi |
| समेत | सहित | together with |
| रमापति | लक्ष्मी के पति, विष्णु | Vishnu, Lakshmi’s husband |
| मोहे | मोहित हो गए | was captivated |
2 निरखि राम छबि बिधि हरषाने। आठइ नयन जानि पछिताने।।
English explanation
Seeing Rama’s beauty, Brahma rejoiced, but regretted having only eight eyes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निरखि | देखकर | having beheld |
| राम | राम की | Rama’s |
| छबि | सुंदर छवि | beauty |
| बिधि | ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| हरषाने | हर्षित हुए | rejoiced |
| आठइ | आठ ही | only eight |
| नयन | नेत्र | eyes |
| जानि | जानकर | realizing |
| पछिताने | पछताए | regretted it |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.317
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 298
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 297, 298
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।