बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हरि ब्यापक सर्बत्र समाना। प्रेम तें प्रगट होहिं मैं जाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमैं तो यह जानता हूँ कि भगवान् सब जगह समान रूपसे व्यापक हैं, प्रेमसे वे प्रकट हो जाते हैं। देश, काल, दिशा, विदिशामें बताओ, ऐसी जगह कहाँ है, जहाँ प्रभु न हों॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 186 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
हरि ब्यापक सर्बत्र समाना। प्रेम तें प्रगट होहिं मैं जाना।।
देस काल दिसि बिदिसिहु माहीं। कहहु सो कहाँ जहाँ प्रभु नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.185 · पुस्तक पृ. 186, 186
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 हरि ब्यापक सर्बत्र समाना। प्रेम तें प्रगट होहिं मैं जाना।।
English explanation
Hari is all-pervading, present everywhere. I have understood that he manifests through love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरि | भगवान विष्णु | the Lord Vishnu |
| ब्यापक | सर्वव्यापक | all-pervading |
| सर्बत्र | सब जगह | everywhere |
| समाना | व्याप्त हैं | is present throughout |
| प्रेम | प्रेम | love |
| तें | से | through |
| प्रगट | प्रकट | manifest |
| होहिं | होते हैं | becomes |
| मैं | मैंने | I |
| जाना | जाना है | have understood |
2 देस काल दिसि बिदिसिहु माहीं। कहहु सो कहाँ जहाँ प्रभु नाहीं।।
English explanation
Across places, times, the cardinal and intermediate directions, tell me: where is there anywhere that the Lord is not?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देस | स्थान | place |
| काल | समय | time |
| दिसि | दिशाएँ | cardinal directions |
| बिदिसिहु | विदिशाएँ भी | intermediate directions too |
| माहीं | में | in |
| कहहु | बताओ | tell me |
| सो | वह स्थान | that place |
| कहाँ | कहाँ | where |
| जहाँ | जहाँ | where |
| प्रभु | भगवान | the Lord |
| नाहीं | नहीं हैं | is not |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.185
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 186
- सहायक विषय
- पृथ्वी और देवतादिकी करुण पुकार
- मुद्रित पृष्ठ
- 186, 186
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।