बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हम कहँ दुर्लभ दरस तुम्हारा। जानत हौं कछु भल होनिहारा।।
मूल पाठ
हम कहँ दुर्लभ दरस तुम्हारा। जानत हौं कछु भल होनिहारा।।
कह मुनि तात भयउ अँधियारा। जोजन सत्तरि नगरु तुम्हारा।।
स्रोत अभिलेख 1.159 · पुस्तक पृ. 164, 164
भावार्थ
मूल पाठ के बादहमें आपका दर्शन दुर्लभ था, इससे जान पड़ता है कुछ भला होनेवाला है। मुनिने कहा— हे तात! अँधेरा हो गया। तुम्हारा नगर यहाँसे सत्तर योजनपर है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 164 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 हम कहँ दुर्लभ दरस तुम्हारा। जानत हौं कछु भल होनिहारा।।
English explanation
Seeing you is a rare privilege for me. I believe that something good is about to happen.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | मुझे | me |
| कहँ | के लिए | for |
| दुर्लभ | दुर्लभ | rare; hard to obtain |
| दरस | दर्शन | the sight; meeting |
| तुम्हारा | आपका | of you |
| जानत | समझता | believe |
| हौं | मैं हूँ | I am |
| कछु | कुछ | something |
| भल | अच्छा | good |
| होनिहारा | होने वाला | about to happen |
2 कह मुनि तात भयउ अँधियारा। जोजन सत्तरि नगरु तुम्हारा।।
English explanation
The sage said: Dear one, darkness has fallen; your city is seventy yojanas away.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहा | said |
| मुनि | मुनि ने | the sage |
| तात | प्रिय; बेटा | dear one; son |
| भयउ | हो गया | has become |
| अँधियारा | अँधेरा | dark |
| जोजन | योजन; दूरी की प्राचीन इकाई | yojanas; an ancient distance unit |
| सत्तरि | सत्तर | seventy |
| नगरु | नगर | city |
| तुम्हारा | तुम्हारा | your |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.159
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 164
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 164, 164
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।