बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाम प्रतापभानु अवनीसा। तासु सचिव मैं सुनहु मुनीसा।।
मूल पाठ
नाम प्रतापभानु अवनीसा। तासु सचिव मैं सुनहु मुनीसा।।
फिरत अहेरें परेउँ भुलाई। बडे भाग देखउँ पद आई।।
स्रोत अभिलेख 1.159 · पुस्तक पृ. 164, 164
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[राजाने कहा—] हे मुनीश्वर! सुनिये, प्रतापभानु नामका एक राजा है, मैं उसका मन्त्री हूँ। शिकारके लिये फिरते हुए राह भूल गया हूँ। बड़े भाग्यसे यहाँ आकर मैंने आपके चरणोंके दर्शन पाये हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 164 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 नाम प्रतापभानु अवनीसा। तासु सचिव मैं सुनहु मुनीसा।।
English explanation
Listen, revered sage: the king's name is Pratapabhanu; I am his minister.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाम | नाम | name |
| प्रतापभानु | राजा प्रतापभानु | Pratapabhanu, the king |
| अवनीसा | पृथ्वी का स्वामी; राजा | lord of the earth; king |
| तासु | उसका | his |
| सचिव | मंत्री | minister |
| मैं | मैं | I |
| सुनहु | सुनिए | listen |
| मुनीसा | हे मुनिवर | O revered sage |
2 फिरत अहेरें परेउँ भुलाई। बडे भाग देखउँ पद आई।।
English explanation
While roaming on a hunt, I lost my way. By great good fortune, I have come here and behold your feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फिरत | घूमते हुए | while roaming |
| अहेरें | शिकार में | on a hunt |
| परेउँ | मैं पड़ गया | I fell into |
| भुलाई | रास्ता भूलने की दशा में | a state of losing the way |
| बडे | बड़े | great |
| भाग | सौभाग्य से | through good fortune |
| देखउँ | मैं देखता हूँ | I behold |
| पद | आपके चरण | your feet |
| आई | आकर | having come |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.159
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 164
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 164, 164
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।