बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोहत जनु जुग जलज सनाला। ससिहि सभीत देत जयमाला।।
मूल पाठ
सोहत जनु जुग जलज सनाला। ससिहि सभीत देत जयमाला।।
गावहिं छबि अवलोकि सहेली। सियँ जयमाल राम उर मेली।।
स्रोत अभिलेख 1.264 · पुस्तक पृ. 255, 255
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[उस समय उनके हाथ ऐसे सुशोभित हो रहे हैं] मानो डंडियोंसहित दो कमल चन्द्रमाको डरते हुए जयमाला दे रहे हों। इस छबिको देखकर सखियाँ गाने लगीं। तब सीताजीने श्रीरामजीके गलेमें जयमाला पहना दी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 255 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सोहत जनु जुग जलज सनाला। ससिहि सभीत देत जयमाला।।
English explanation
Her hands look like two lotuses with their stalks, timidly offering a victory garland to the moon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोहत | शोभित हैं | look beautiful |
| जनु | मानो | as though |
| जुग | दो | a pair of |
| जलज | कमल | lotuses |
| सनाला | डंठलों सहित | with their stalks |
| ससिहि | चंद्रमा को | to the moon |
| सभीत | भय-संकोच सहित | timidly |
| देत | दे रहे हैं | offering |
| जयमाला | विजय की माला | the victory garland |
2 गावहिं छबि अवलोकि सहेली। सियँ जयमाल राम उर मेली।।
English explanation
Her companions sing as they behold this beauty; Sita places the victory garland upon Rama’s chest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गावहिं | गाती हैं | sing |
| छबि | शोभा | beauty |
| अवलोकि | देखकर | beholding |
| सहेली | सखियाँ | her female companions |
| सियँ | सीता ने | Sita |
| जयमाल | विजय की वरण-माला | the victory garland |
| राम | राम के | Rama’s |
| उर | वक्ष पर | upon the chest |
| मेली | डाल दी | placed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.264
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 255
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 255, 255
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।