बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोइ हरिमाया सब गुन खानी। सोभा तासु कि जाइ बखानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवह सब गुणोंकी खान भगवान्की माया ही थी। उसकी शोभाका वर्णन कैसे किया जा सकता है। वह राजकुमारी स्वयंवर करना चाहती थी, इससे वहाँ अगणित राजा आये हुए थे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 140 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सोइ हरिमाया सब गुन खानी। सोभा तासु कि जाइ बखानी।।
करइ स्वयंबर सो नृपबाला। आए तहँ अगनित महिपाला।।
स्रोत अभिलेख 1.13 · पुस्तक पृ. 140, 141
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सोइ हरिमाया सब गुन खानी। सोभा तासु कि जाइ बखानी।।
English explanation
She herself is Hari’s illusion, a treasury of every virtue; can her beauty possibly be described?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोइ | वही | she herself |
| हरिमाया | हरि की माया | Hari’s illusory power |
| सब | सभी | all |
| गुन | गुणों की | of virtues |
| खानी | खान | treasury |
| सोभा | शोभा | beauty and splendor |
| तासु | उसकी | her |
| कि | क्या | can … possibly |
| जाइ | जा सकती है | be |
| बखानी | वर्णित | described |
2 करइ स्वयंबर सो नृपबाला। आए तहँ अगनित महिपाला।।
English explanation
That princess holds a ceremony to choose her husband; countless kings have come there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करइ | करती है | holds |
| स्वयंबर | स्वयं पति चुनने का समारोह | a ceremony for choosing her husband |
| सो | वह | that |
| नृपबाला | राजकुमारी | princess |
| आए | आए हैं | have come |
| तहँ | वहाँ | there |
| अगनित | अनगिनत | countless |
| महिपाला | राजा | kings |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 140
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 140, 141
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।