बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोइ मयँ दीन्हि रावनहि आनी। होइहि जातुधानपति जानी।।
मूल पाठ
सोइ मयँ दीन्हि रावनहि आनी। होइहि जातुधानपति जानी।।
हरषित भयउ नारि भलि पाई। पुनि दोउ बंधु बिआहेसि जाई।।
स्रोत अभिलेख 1.178 · पुस्तक पृ. 179, 179
भावार्थ
मूल पाठ के बादमयने उसे लाकर रावणको दिया। उसने जान लिया कि यह राक्षसोंका राजा होगा। अच्छी स्त्री पाकर रावण प्रसन्न हुआ और फिर उसने जाकर दोनों भाइयोंका विवाह कर दिया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 179 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सोइ मयँ दीन्हि रावनहि आनी। होइहि जातुधानपति जानी।।
English explanation
Knowing that Ravana would become king of the demons, Maya brought that daughter and gave her to him in marriage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोइ | उसी पुत्री को | that very daughter |
| मयँ | मय ने | Maya gave |
| दीन्हि | विवाह में दी | gave in marriage |
| रावनहि | रावण को | to Ravana |
| आनी | लाकर | having brought |
| होइहि | होगा | would become |
| जातुधानपति | राक्षसों का राजा | king of the demons |
| जानी | जानकर | knowing |
2 हरषित भयउ नारि भलि पाई। पुनि दोउ बंधु बिआहेसि जाई।।
English explanation
Ravana rejoiced at obtaining a good wife. Then he went and arranged marriages for both his brothers.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरषित | प्रसन्न | delighted |
| भयउ | हुआ | became |
| नारि | पत्नी | wife |
| भलि | अच्छी | good |
| पाई | पाकर | having obtained |
| पुनि | फिर | then |
| दोउ | दोनों | both |
| बंधु | भाइयों को | his brothers |
| बिआहेसि | उसने विवाह कराया | he had married |
| जाई | जाकर | having gone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.178
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 179
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 179, 179
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।