बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुर प्रनामु करि बरसहिं फूला। मुनि असीस धुनि मंगल मूला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्ददेवता प्रणाम करके फूल बरसा रहे हैं। मङ्गलोंकी मूल मुनियोंके आशीर्वादोंकी ध्वनि हो रही है। गानों और नगाड़ोंके शब्दसे बड़ा शोर मच रहा है। सभी नर-नारी प्रेम और आनन्दमें मग्न हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 304 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुर प्रनामु करि बरसहिं फूला। मुनि असीस धुनि मंगल मूला।।
गान निसान कोलाहलु भारी। प्रेम प्रमोद मगन नर नारी।।
स्रोत अभिलेख 1.323 · पुस्तक पृ. 304, 304
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुर प्रनामु करि बरसहिं फूला। मुनि असीस धुनि मंगल मूला।।
English explanation
The gods bow and shower flowers; the sound of the sages’ blessings is a source of auspiciousness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवता | the gods |
| प्रनामु | प्रणाम | salutation |
| करि | करके | having offered |
| बरसहिं | बरसाते हैं | shower |
| फूला | फूल | flowers |
| मुनि | मुनियों के | the sages’ |
| असीस | आशीर्वाद | blessings |
| धुनि | ध्वनि | sound |
| मंगल | मंगल का | of auspiciousness |
| मूला | मूल, स्रोत | root, source |
2 गान निसान कोलाहलु भारी। प्रेम प्रमोद मगन नर नारी।।
English explanation
Singing and kettledrums create a great resounding din; men and women are immersed in love and delight.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गान | गायन | singing |
| निसान | नगाड़े | kettledrums |
| कोलाहलु | कोलाहल, गूँज | resounding din |
| भारी | बहुत बड़ा, प्रबल | great, loud |
| प्रेम | प्रेम में | in love |
| प्रमोद | आनंद में | in delight |
| मगन | मग्न | immersed |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.323
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 304
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 304, 304
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।