बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि बिधि सीय मंडपहिं आई। प्रमुदित सांति पढ़हिं मुनिराई।।
मूल पाठ
एहि बिधि सीय मंडपहिं आई। प्रमुदित सांति पढ़हिं मुनिराई।।
तेहि अवसर कर बिधि ब्यवहारू। दुहुँ कुलगुर सब कीन्ह अचारू।।
स्रोत अभिलेख 1.323 · पुस्तक पृ. 304, 304
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस प्रकार सीताजी मण्डपमें आयीं। मुनिराज बहुत ही आनन्दित होकर शान्तिपाठ पढ़ रहे हैं। उस अवसरकी सब रीति, व्यवहार और कुलाचार दोनों कुलगुरुओंने किये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 304 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 एहि बिधि सीय मंडपहिं आई। प्रमुदित सांति पढ़हिं मुनिराई।।
English explanation
In this manner Sita entered the wedding pavilion. The delighted eminent sages recite invocations of peace.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार से | in manner |
| सीय | सीता | Sita |
| मंडपहिं | विवाह-मंडप में | into the wedding pavilion |
| आई | आईं | came |
| प्रमुदित | प्रसन्न | delighted |
| सांति | शांति-मंत्र | invocations of peace |
| पढ़हिं | पढ़ते हैं | recite |
| मुनिराई | श्रेष्ठ मुनि | eminent sages |
2 तेहि अवसर कर बिधि ब्यवहारू। दुहुँ कुलगुर सब कीन्ह अचारू।।
English explanation
The family preceptors of both houses performed all the rites prescribed by ritual procedure and custom for that occasion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस | that |
| अवसर | अवसर | occasion |
| कर | का | of |
| बिधि | अनुष्ठान की विधि | ritual procedure |
| ब्यवहारू | रीति-व्यवहार | customary observances |
| दुहुँ | दोनों के | of both houses |
| कुलगुर | कुलगुरुओं ने | the family preceptors |
| सब | सभी | all |
| कीन्ह | किए, संपन्न किए | performed |
| अचारू | आचार, अनुष्ठान | rites and observances |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.323
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 304
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 304, 304
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।