बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि सनमानहिं सबहि सुबानी। भनिति भगति नति गति पहिचानी।।
मूल पाठ
सुनि सनमानहिं सबहि सुबानी। भनिति भगति नति गति पहिचानी।।
यह प्राकृत महिपाल सुभाऊ। जान सिरोमनि कोसलराऊ।।
स्रोत अभिलेख 1.28 · पुस्तक पृ. 49, 50
भावार्थ
मूल पाठ के बादसबकी सुनकर और उनकी वाणी, भक्ति, विनय और चालको पहचानकर सुन्दर (मीठी) वाणीसे सबका यथायोग्य सम्मान करते हैं। यह स्वभाव तो संसारी राजाओंका है, कोसलनाथ श्रीरामचन्द्रजी तो चतुरशिरोमणि हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 50 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनि सनमानहिं सबहि सुबानी। भनिति भगति नति गति पहिचानी।।
English explanation
Hearing gracious words and discerning the character of the poetry, devotion, and humility, they honor everyone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सनमानहिं | सम्मान करते हैं | honor |
| सबहि | सबको | everyone |
| सुबानी | अच्छी वाणी | gracious speech |
| भनिति | काव्य-रचना | poetic expression |
| भगति | भक्ति | devotion |
| नति | नम्रता | humility |
| गति | रीति या स्वरूप | character or manner |
| पहिचानी | पहचानकर | having discerned |
2 यह प्राकृत महिपाल सुभाऊ। जान सिरोमनि कोसलराऊ।।
English explanation
Such is the nature of ordinary earthly kings; Rama, king of Kosala, is the foremost of the discerning.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| प्राकृत | साधारण सांसारिक | ordinary earthly |
| महिपाल | राजाओं का | of kings |
| सुभाऊ | स्वभाव | nature |
| जान | जानकारों में | among the discerning |
| सिरोमनि | शिरोमणि, सर्वश्रेष्ठ | the foremost |
| कोसलराऊ | कोसल के राजा राम | Rama, king of Kosala |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 50
- सहायक विषय
- श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 49, 50
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।