बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुकबि कुकबि निज मति अनुहारी। नृपहि सराहत सब नर नारी।।
मूल पाठ
सुकबि कुकबि निज मति अनुहारी। नृपहि सराहत सब नर नारी।।
साधु सुजान सुसील नृपाला। ईस अंस भव परम कृपाला।।
स्रोत अभिलेख 1.28 · पुस्तक पृ. 49, 50
भावार्थ
मूल पाठ के बादसुकवि-कुकवि, सभी नर-नारी अपनी-अपनी बुद्धिके अनुसार राजाकी सराहना करते हैं। और साधु, बुद्धिमान्, सुशील, ईश्वरके अंशसे उत्पन्न कृपालु राजा—॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 49 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुकबि कुकबि निज मति अनुहारी। नृपहि सराहत सब नर नारी।।
English explanation
Good poets and poor poets, and all men and women, praise the king according to their own understanding.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुकबि | अच्छे कवि | good poets |
| कुकबि | बुरे कवि | poor poets |
| निज | अपनी | their own |
| मति | बुद्धि के | understanding |
| अनुहारी | अनुसार | in accordance with |
| नृपहि | राजा को | the king |
| सराहत | सराहते हैं | praise |
| सब | सभी | all |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
2 साधु सुजान सुसील नृपाला। ईस अंस भव परम कृपाला।।
English explanation
Virtuous, discerning, and gracious kings, born of a portion of the Lord, are exceedingly compassionate.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| साधु | सज्जन | virtuous |
| सुजान | विवेकशील | discerning |
| सुसील | सुशील | of good character |
| नृपाला | राजा | kings |
| ईस | ईश्वर के | of the Lord |
| अंस | अंश से | from a portion |
| भव | उत्पन्न | born |
| परम | अत्यंत | exceedingly |
| कृपाला | कृपालु | compassionate |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 49
- सहायक विषय
- श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 49, 50
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।