बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि महिप तापस बस भयऊ। आपन नाम कहत तब लयऊ।।
मूल पाठ
सुनि महिप तापस बस भयऊ। आपन नाम कहत तब लयऊ।।
कह तापस नृप जानउँ तोही। कीन्हेहु कपट लाग भल मोही।।
स्रोत अभिलेख 1.163 · पुस्तक पृ. 167, 168
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजा सुनकर उस तपस्वीके वशमें हो गया और तब वह उसे अपना नाम बताने लगा। तपस्वीने कहा—राजन्! मैं तुमको जानता हूँ। तुमने कपट किया, वह मुझे अच्छा लगा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 168 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनि महिप तापस बस भयऊ। आपन नाम कहत तब लयऊ।।
English explanation
On hearing this, the king came under the ascetic's influence. He then began telling his own name—the final word's reading is uncertain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| महिप | राजा | the king |
| तापस | तपस्वी के | of the ascetic |
| बस | वश में | under the influence |
| भयऊ | हो गया | came to be |
| आपन | अपना | his own |
| नाम | नाम | name |
| कहत | बताने | telling |
| तब | तब | then |
| लयऊ | लगा — संभावित अर्थ | began — probable sense |
2 कह तापस नृप जानउँ तोही। कीन्हेहु कपट लाग भल मोही।।
English explanation
The ascetic said, ‘O king, I know you. I liked your concealment of your identity.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहता है; बोला | says; said |
| तापस | तपस्वी | the ascetic |
| नृप | हे राजन् | O king |
| जानउँ | मैं जानता हूँ | I know |
| तोही | तुम्हें | you |
| कीन्हेहु | तुमने किया | you practised |
| कपट | कपट; पहचान छिपाना | deception; concealing identity |
| लाग | लगा | seemed |
| भल | अच्छा | good |
| मोही | मुझे | to me |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.163
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 168
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 167, 168
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।