बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि कटु बचन कुठार सुधारा। हाय हाय सब सभा पुकारा।।
मूल पाठ
सुनि कटु बचन कुठार सुधारा। हाय हाय सब सभा पुकारा।।
भृगुबर परसु देखावहु मोही। बिप्र बिचारि बचउँ नृपद्रोही।।
स्रोत अभिलेख 1.276 · पुस्तक पृ. 264, 265
भावार्थ
मूल पाठ के बादलक्ष्मणजीके कड़ुवे वचन सुनकर परशुरामजीने कुठार सँभाला। सारी सभा हाय! हाय! करके पुकार उठी। [लक्ष्मणजीने कहा—] हे भृगुश्रेष्ठ! आप मुझे फरसा दिखा रहे हैं? पर हे राजाओंके शत्रु! मैं ब्राह्मण समझकर बचा रहा हूँ (तरह दे रहा हूँ)॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 264 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुनि कटु बचन कुठार सुधारा। हाय हाय सब सभा पुकारा।।
English explanation
Hearing these bitter words, Parashurama readied his axe. The entire assembly cried, “Alas! Alas!”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| कटु | कटु; कठोर | bitter; harsh |
| बचन | वचन | words |
| कुठार | फरसा | axe |
| सुधारा | सँभाला; तैयार किया | readied |
| हाय | हाय! | alas! |
| हाय | हाय! | alas! |
| सब | सारी | entire |
| सभा | सभा | assembly |
| पुकारा | पुकार उठी | cried out |
2 भृगुबर परसु देखावहु मोही। बिप्र बिचारि बचउँ नृपद्रोही।।
English explanation
O foremost of Bhrigu’s lineage, you brandish your axe at me! Enemy of kings, I hold back because I regard you as a Brahmin.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भृगुबर | हे भृगुवंश के श्रेष्ठ परशुराम | O Parashurama, foremost of Bhrigu’s lineage |
| परसु | फरसा | axe |
| देखावहु | दिखाते हैं; दिखाकर डराते हैं | you show; you brandish |
| मोही | मुझे | to me |
| बिप्र | ब्राह्मण | a Brahmin |
| बिचारि | समझकर | considering you |
| बचउँ | मैं बचता हूँ; अपने को रोकता हूँ | I refrain; I hold back |
| नृपद्रोही | हे राजाओं के द्रोही | O enemy of kings |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.276
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 264
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 264, 265
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।