बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुकृत पुंज मंजुल अलि माला। ग्यान बिराग बिचार मराला।।
मूल पाठ
सुकृत पुंज मंजुल अलि माला। ग्यान बिराग बिचार मराला।।
धुनि अवरेब कबित गुन जाती। मीन मनोहर ते बहुभाँती।।
स्रोत अभिलेख 1.37 · पुस्तक पृ. 59, 60
भावार्थ
मूल पाठ के बादसत्कर्मों (पुण्यों) के पुञ्ज भौंरोंकी सुन्दर पंक्तियाँ हैं, ज्ञान, वैराग्य और विचार हंस हैं। कविताकी ध्वनि वक्रोक्ति, गुण और जाति ही अनेकों प्रकारकी मनोहर मछलियाँ हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 60 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुकृत पुंज मंजुल अलि माला। ग्यान बिराग बिचार मराला।।
English explanation
Collections of meritorious deeds are lovely rows of bees; knowledge, detachment, and reflection are swans.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुकृत | पुण्यकर्मों के | of meritorious deeds |
| पुंज | समूह | collections |
| मंजुल | सुंदर | lovely |
| अलि | भौंरों की | of bees |
| माला | पंक्तियाँ | rows |
| ग्यान | ज्ञान | knowledge |
| बिराग | वैराग्य | detachment |
| बिचार | विचार-विवेक | reflective discernment |
| मराला | हंस | swans |
2 धुनि अवरेब कबित गुन जाती। मीन मनोहर ते बहुभाँती।।
English explanation
Suggested meanings, ornamentation, and the various kinds of poetic qualities are the lake’s many delightful kinds of fish.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धुनि | व्यंजित अर्थ | suggested meaning |
| अवरेब | अलंकरण या सजावट | ornamentation |
| कबित | कविता के | of poetry |
| गुन | गुणों की | of qualities |
| जाती | जातियाँ, प्रकार | classes or kinds |
| मीन | मछलियाँ | fish |
| मनोहर | मनोहर | delightful |
| ते | वे | those |
| बहुभाँती | अनेक प्रकार की | of many kinds |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.37
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 60
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 59, 60
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।