बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
छंद सोरठा सुंदर दोहा। सोइ बहुरंग कमल कुल सोहा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजो सुन्दर छन्द, सोरठे और दोहे हैं, वही इसमें बहुरंगे कमलोंके समूह सुशोभित हैं। अनुपम अर्थ, ऊँचे भाव और सुन्दर भाषा ही पराग (पुष्परज), मकरन्द (पुष्परस) और सुगन्ध हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 59 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
छंद सोरठा सुंदर दोहा। सोइ बहुरंग कमल कुल सोहा।।
अरथ अनूप सुमाव सुभासा। सोइ पराग मकरंद सुबासा।।
स्रोत अभिलेख 1.37 · पुस्तक पृ. 59, 60
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 छंद सोरठा सुंदर दोहा। सोइ बहुरंग कमल कुल सोहा।।
English explanation
The various metres, sorathas, and beautiful couplets shine as clusters of multicoloured lotuses.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छंद | विविध छंद | various verse metres |
| सोरठा | सोरठा छंद | verses in the soratha metre |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| दोहा | दोहा छंद | metrical couplets |
| सोइ | वे ही | those very forms |
| बहुरंग | अनेक रंगों के | multicoloured |
| कमल | कमलों के | of lotuses |
| कुल | समूह | clusters |
| सोहा | शोभित हैं | shine beautifully |
2 अरथ अनूप सुमाव सुभासा। सोइ पराग मकरंद सुबासा।।
English explanation
The incomparable meaning, lovely sentiment, and fine language are the lotuses’ pollen, nectar, and fragrance; the reading ‘सुमाव’ is uncertain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अरथ | अर्थ | meaning |
| अनूप | अनुपम | incomparable |
| सुमाव | संभवतः सुंदर भाव | probably lovely sentiment |
| सुभासा | सुंदर भाषा | fine language |
| सोइ | वे ही | those very features |
| पराग | पुष्प-पराग | pollen |
| मकरंद | पुष्प का मधुर रस | floral nectar |
| सुबासा | सुंदर सुगंध | sweet fragrance |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.37
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 59
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 59, 60
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।