बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम सीय जस सलिल सुधासम। उपमा बीचि बिलास मनोरम।।
मूल पाठ
राम सीय जस सलिल सुधासम। उपमा बीचि बिलास मनोरम।।
पुरइनि सघन चारु चौपाई। जुगुति मंजु मनि सीप सुहाई।।
स्रोत अभिलेख 1.37 · पुस्तक पृ. 59, 60
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजी और सीताजीका यश अमृतके समान जल है। इसमें जो उपमाएँ दी गयी हैं वही तरङ्गोंका मनोहर विलास है। सुन्दर चौपाइयाँ ही इसमें घनी फैली हुई पुरइन (कमलिनी) हैं और कविताकी युक्तियाँ सुन्दर मणि (मोती) उत्पन्न करनेवाली सुहावनी सीपियाँ हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 59 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राम सीय जस सलिल सुधासम। उपमा बीचि बिलास मनोरम।।
English explanation
The fame of Rama and Sita is nectar-like water; the similes are its delightful play of waves.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम का | of Rama |
| सीय | सीता का | of Sita |
| जस | यश | fame and praise |
| सलिल | जल | water |
| सुधासम | अमृत के समान | like nectar |
| उपमा | काव्य की उपमाएँ | poetic similes |
| बीचि | लहरों की | of waves |
| बिलास | क्रीड़ा | play |
| मनोरम | मन को मोहनेवाली | delightful |
2 पुरइनि सघन चारु चौपाई। जुगुति मंजु मनि सीप सुहाई।।
English explanation
The graceful quatrains are dense lotus plants; the elegant poetic devices are lovely pearl-bearing shells.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुरइनि | कमलिनियाँ | lotus plants |
| सघन | घनी | dense |
| चारु | सुंदर | graceful |
| चौपाई | चौपाई छंद की पंक्तियाँ | quatrains in the chaupai metre |
| जुगुति | काव्य-युक्तियाँ | poetic devices |
| मंजु | सुंदर | elegant |
| मनि | मोती | pearls |
| सीप | सीपियाँ | shells |
| सुहाई | सुहावनी | lovely |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.37
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 59
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 59, 60
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।