बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अरथ धरम कामादिक चारी। कहब ग्यान बिग्यान बिचारी।।
मूल पाठ
अरथ धरम कामादिक चारी। कहब ग्यान बिग्यान बिचारी।।
नव रस जप तप जोग बिरागा। ते सब जलचर चारु तड़ागा।।
स्रोत अभिलेख 1.37 · पुस्तक पृ. 59, 60
भावार्थ
मूल पाठ के बादअर्थ, धर्म, काम, मोक्ष—ये चारों, ज्ञान-विज्ञानका विचारके कहना, काव्यके नौ रस, जप, तप, योग और वैराग्यके प्रसंग—ये सब इस सरोवरके सुन्दर जलचर जीव हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 60 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अरथ धरम कामादिक चारी। कहब ग्यान बिग्यान बिचारी।।
English explanation
The four human aims—material well-being, righteousness, desire, and liberation—and knowledge and realized understanding will be thoughtfully described.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अरथ | अर्थ, धन और लौकिक समृद्धि | material well-being |
| धरम | धर्म, उचित आचरण | righteous conduct |
| कामादिक | काम आदि, जिसमें मोक्ष भी है | desire and the remaining aim, liberation |
| चारी | चारों | all four |
| कहब | कहना, वर्णन करना | describing |
| ग्यान | ज्ञान | knowledge |
| बिग्यान | अनुभूत या विशेष ज्ञान | realized or discriminating knowledge |
| बिचारी | विचार करके | after thoughtful consideration |
2 नव रस जप तप जोग बिरागा। ते सब जलचर चारु तड़ागा।।
English explanation
The nine poetic sentiments, recitation, austerity, yoga, and detachment—along with the preceding subjects—are all aquatic creatures of this beautiful lake.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नव | नौ | nine |
| रस | काव्यरस | poetic sentiments |
| जप | मंत्र या नाम का जप | repeated sacred recitation |
| तप | तपस्या | austerity |
| जोग | योग-साधना | yogic discipline |
| बिरागा | वैराग्य | detachment |
| ते | वे | those |
| सब | सभी | all |
| जलचर | जल में रहनेवाले जीव | aquatic creatures |
| चारु | सुंदर | beautiful |
| तड़ागा | सरोवर के | of the lake |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.37
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 60
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 59, 60
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।