बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुकृती साधु नाम गुन गाना। ते बिचित्र जल बिहग समाना।।
मूल पाठ
सुकृती साधु नाम गुन गाना। ते बिचित्र जल बिहग समाना।।
संतसभा चहुँ दिसि अवँराई। श्रद्धा रितु बसंत सम गाई।।
स्रोत अभिलेख 1.37 · पुस्तक पृ. 59, 60
भावार्थ
मूल पाठ के बादसुकृती (पुण्यात्मा) जनोंके, साधुओंके और श्रीरामनामके गुणोंका गान ही विचित्र जल- पक्षियोंके समान है। संतोंकी सभा ही इस सरोवरके चारों ओरकी अमराई (आमकी बगीचियाँ) हैं और श्रद्धा वसन्त ऋतुके समान कही गयी है॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 60 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुकृती साधु नाम गुन गाना। ते बिचित्र जल बिहग समाना।।
English explanation
The singing of the names and virtues of the virtuous and the saints is like the varied, beautiful waterbirds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुकृती | पुण्यात्माओं के | of virtuous people |
| साधु | साधुओं के | of saints |
| नाम | नाम | names |
| गुन | गुण | virtues |
| गाना | गायन | singing praises |
| ते | वे | those praises |
| बिचित्र | विविध और सुंदर | varied and beautiful |
| जल | जल के | water-dwelling |
| बिहग | पक्षियों के | birds |
| समाना | समान | like |
2 संतसभा चहुँ दिसि अवँराई। श्रद्धा रितु बसंत सम गाई।।
English explanation
The assembly of saints is the mango grove on every side; faith is described as the spring season.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संतसभा | संतों की सभा | assembly of saints |
| चहुँ | चारों | all four |
| दिसि | दिशाओं में | on the sides |
| अवँराई | आमों का बाग | mango grove |
| श्रद्धा | श्रद्धा | faith |
| रितु | ऋतु | season |
| बसंत | वसंत | spring |
| सम | के समान | like |
| गाई | वर्णित की गई | is described |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.37
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 60
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 59, 60
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।