बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भगति निरुपन बिबिध बिधाना। छमा दया दम लता बिताना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दनाना प्रकारसे भक्तिका निरूपण और क्षमा, दया तथा दम (इन्द्रियनिग्रह) लताओंके मण्डप हैं। मनका निग्रह, यम (अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह), नियम (शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वरप्रणिधान) ही उनके फूल हैं, ज्ञान फल है और श्रीहरिके चरणोंमें प्रेम ही इस ज्ञानरूपी फलका रस है। ऐसा वेदोंने कहा है॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 60 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
भगति निरुपन बिबिध बिधाना। छमा दया दम लता बिताना।।
सम जम नियम फूल फल ग्याना। हरि पत रति रस बेद बखाना।।
स्रोत अभिलेख 1.37 · पुस्तक पृ. 59, 60
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 भगति निरुपन बिबिध बिधाना। छमा दया दम लता बिताना।।
English explanation
The exposition of devotion in its various forms, together with forgiveness, compassion, and restraint of the senses, forms the spreading canopies of creepers.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भगति | भक्ति का | of devotion |
| निरुपन | निरूपण | exposition |
| बिबिध | विविध | various |
| बिधाना | विधियाँ या प्रकार | methods or forms |
| छमा | क्षमा | forgiveness |
| दया | दया | compassion |
| दम | इंद्रियों का संयम | restraint of the senses |
| लता | लताओं के | of creepers |
| बिताना | फैलाव या मंडप | spreading canopies |
2 सम जम नियम फूल फल ग्याना। हरि पत रति रस बेद बखाना।।
English explanation
Mental restraint, ethical restraints, and observances are flowers; knowledge is the fruit, and love for Hari is its juice, as the Vedas describe. The reading ‘पत’ is uncertain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सम | मन का संयम | tranquillity and restraint of mind |
| जम | यम, आचरण के संयम | ethical restraints |
| नियम | नियम, अनुशासित आचरण | disciplined observances |
| फूल | फूल | flowers |
| फल | फल | fruit |
| ग्याना | ज्ञान | knowledge |
| हरि | हरि, भगवान विष्णु या राम के | for Hari, Vishnu or Rama |
| पत | संभवतः प्रति | probably toward |
| रति | प्रेम | love |
| रस | रस | juice or essence |
| बेद | वेदों ने | the Vedas |
| बखाना | वर्णन किया | have described |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.37
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 60
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 59, 60
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।