बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
औरउ कथा अनेक प्रसंगा। तेइ सुक पिक बहुबरन बिहंगा।।
मूल पाठ
औरउ कथा अनेक प्रसंगा। तेइ सुक पिक बहुबरन बिहंगा।।
स्रोत अभिलेख 1.37 · पुस्तक पृ. 59, 60
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस (रामचरितमानस) में और भी जो अनेक प्रसङ्गोंकी कथाएँ हैं, वे ही इसमें तोते, कोयल आदि रंग-बिरंगे पक्षी हैं॥ ८॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 60 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 औरउ कथा अनेक प्रसंगा। तेइ सुक पिक बहुबरन बिहंगा।।
English explanation
Other stories and numerous episodes are the parrots, cuckoos, and birds of many colours.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| औरउ | अन्य भी | other ones too |
| कथा | कथाएँ | stories |
| अनेक | अनेक | numerous |
| प्रसंगा | प्रसंग | episodes |
| तेइ | वे ही | those very ones |
| सुक | तोते | parrots |
| पिक | कोयलें | cuckoos |
| बहुबरन | अनेक रंगों के | of many colours |
| बिहंगा | पक्षी | birds |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.37
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 60
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 59, 60
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।