बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुकृत जाइ जौं पनु परिहरऊँ। कुअँरि कुआरि रहउ का करऊँ।।
मूल पाठ
सुकृत जाइ जौं पनु परिहरऊँ। कुअँरि कुआरि रहउ का करऊँ।।
जो जनतेउँ बिनु भट भुबि भाई। तौ पनु करि होतेउँ न हँसाई।।
स्रोत अभिलेख 1.252 · पुस्तक पृ. 245, 245
भावार्थ
मूल पाठ के बादयदि प्रण छोड़ता हूँ तो पुण्य जाता है; इसलिये क्या करूँ, कन्या कुँआरी ही रहे। यदि मैं जानता कि पृथ्वी वीरोंसे शून्य है, तो प्रण करके उपहासका पात्र न बनता॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 245 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुकृत जाइ जौं पनु परिहरऊँ। कुअँरि कुआरि रहउ का करऊँ।।
English explanation
If I abandon my vow, my merit will be lost. Let the maiden remain unmarried—what can I do?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुकृत | पुण्य | religious merit |
| जाइ | चला जाएगा; नष्ट होगा | will be lost |
| जौं | यदि | if |
| पनु | प्रतिज्ञा | vow |
| परिहरऊँ | मैं छोड़ दूँ | I abandon |
| कुअँरि | कन्या; सीता | the maiden, Sita |
| कुआरि | अविवाहित | unmarried |
| रहउ | रहे | let her remain |
| का | क्या | what |
| करऊँ | मैं करूँ | can I do |
2 जो जनतेउँ बिनु भट भुबि भाई। तौ पनु करि होतेउँ न हँसाई।।
English explanation
Brothers, had I known that the earth was without warriors, I would not have made this vow and become an object of ridicule.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | यदि | if |
| जनतेउँ | मैं जानता | I had known |
| बिनु | बिना; रहित | without |
| भट | वीर योद्धा | warriors |
| भुबि | पृथ्वी | the earth |
| भाई | भाइयो | brothers |
| तौ | तो | then |
| पनु | प्रतिज्ञा | vow |
| करि | करके | having made |
| होतेउँ | मैं होता | I would have become |
| न | नहीं | not |
| हँसाई | उपहास का पात्र | an object of ridicule |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.252
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 245
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 245, 245
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।