बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अब जनि कोउ माखै भट मानी। बीर बिहीन मही मैं जानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअब कोई वीरताका अभिमानी नाराज न हो। मैंने जान लिया, पृथ्वी वीरोंसे खाली हो गयी। अब आशा छोड़कर अपने-अपने घर जाओ; ब्रह्माने सीताका विवाह लिखा ही नहीं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 245 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अब जनि कोउ माखै भट मानी। बीर बिहीन मही मैं जानी।।
तजहु आस निज निज गृह जाहू। लिखा न बिधि बैदेहि बिबाहू।।
स्रोत अभिलेख 1.252 · पुस्तक पृ. 245, 245
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अब जनि कोउ माखै भट मानी। बीर बिहीन मही मैं जानी।।
English explanation
Now let no one who considers himself a warrior take offense; I have found the earth devoid of heroes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| जनि | मत | do not |
| कोउ | कोई | anyone |
| माखै | क्रोध करे | take offense |
| भट | वीर योद्धा | warrior |
| मानी | अपने को मानकर | considering himself |
| बीर | वीरों से | of heroes |
| बिहीन | रहित | devoid |
| मही | पृथ्वी | the earth |
| मैं | मैंने | I |
| जानी | जान लिया | have found |
2 तजहु आस निज निज गृह जाहू। लिखा न बिधि बैदेहि बिबाहू।।
English explanation
Abandon hope and return to your respective homes; the Creator has not written Sita’s marriage into her destiny.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तजहु | छोड़ दीजिए | abandon |
| आस | आशा | hope |
| निज | अपने | your own |
| निज | अपने; प्रत्येक के | respective |
| गृह | घर | homes |
| जाहू | जाइए | go |
| लिखा | भाग्य में लिखा | ordained |
| न | नहीं | not |
| बिधि | विधाता ने | the Creator |
| बैदेहि | विदेहराज की पुत्री सीता का | of Sita, daughter of the king of Videha |
| बिबाहू | विवाह | marriage |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.252
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 245
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 245, 245
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।