बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सीतल मंद सुरभि बह बाऊ। हरषित सुर संतन मन चाऊ।।
मूल पाठ
सीतल मंद सुरभि बह बाऊ। हरषित सुर संतन मन चाऊ।।
बन कुसुमित गिरिगन मनिआरा। स्त्रवहिं सकल सरिताऽमृतधारा।।
स्रोत अभिलेख 1.191 · पुस्तक पृ. 191, 192
भावार्थ
मूल पाठ के बादशीतल, मन्द और सुगन्धित पवन बह रहा था। देवता र्हिर्षत थे और संतोंके मनमें [बड़ा] चाव था। वन फूले हुए थे, पर्वतोंके समूह मणियोंसे जगमगा रहे थे और सारी नदियाँ अमृतकी धारा बहा रही थीं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 191 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सीतल मंद सुरभि बह बाऊ। हरषित सुर संतन मन चाऊ।।
English explanation
A cool, gentle, fragrant breeze was blowing. The gods rejoiced, and the saints' hearts were filled with delight.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीतल | शीतल; ठंडी और सुखद | cool and soothing |
| मंद | धीमी; हल्की | gentle |
| सुरभि | सुगंधित | fragrant |
| बह | बह रही थी | was blowing |
| बाऊ | हवा | breeze |
| हरषित | आनंदित | joyful |
| सुर | देवता | gods |
| संतन | संतों के | of the saints |
| मन | मन में | in their hearts |
| चाऊ | उमंग; आनंद | delight; joyful eagerness |
2 बन कुसुमित गिरिगन मनिआरा। स्त्रवहिं सकल सरिताऽमृतधारा।।
English explanation
The forests were in bloom, the mountains adorned with gems, and all the rivers flowed with nectar-like streams.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बन | वन | forests |
| कुसुमित | फूलों से खिले हुए | in bloom |
| गिरिगन | पर्वतों का समूह | the mountains collectively |
| मनिआरा | मणियों से सुशोभित | adorned with gems |
| स्त्रवहिं | बहाती हैं; प्रवाहित करती हैं | pour forth; flow with |
| सकल | सभी | all |
| सरिताऽमृतधारा | नदियाँ अमृत-सी धाराएँ | rivers with nectar-like streams |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.191
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 191
- सहायक विषय
- राजा दशरथका पुत्रेष्टि यज्ञ, रानियोंका गर्भवती होना
- मुद्रित पृष्ठ
- 191, 192
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।