बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सहित बिदेह बिलोकहिं रानी। सिसु सम प्रीति न जाति बखानी।।
मूल पाठ
सहित बिदेह बिलोकहिं रानी। सिसु सम प्रीति न जाति बखानी।।
जोगिन्ह परम तत्वमय भासा। सांत सुद्ध सम सहज प्रकासा।।
स्रोत अभिलेख 1.242 · पुस्तक पृ. 235, 236
भावार्थ
मूल पाठ के बादजनकसमेत रानियाँ उन्हें अपने बच्चेके समान देख रही हैं, उनकी प्रीतिका वर्णन नहीं किया जा सकता। योगियोंको वे शान्त, शुद्ध, सम और स्वत:प्रकाश परम तत्त्वके रूपमें दीखे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 236 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सहित बिदेह बिलोकहिं रानी। सिसु सम प्रीति न जाति बखानी।।
English explanation
King Janaka beholds them together with the queen; their love for them as their own children cannot be described.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सहित | के साथ | together with |
| बिदेह | विदेह, राजा जनक | Janaka, king of Videha |
| बिलोकहिं | देखते हैं | behold |
| रानी | रानी | the queen |
| सिसु | अपने बच्चे | one’s own children |
| सम | के समान | like |
| प्रीति | प्रेम | love |
| न | नहीं | not |
| जाति | जा सकती | can be |
| बखानी | वर्णित | described |
2 जोगिन्ह परम तत्वमय भासा। सांत सुद्ध सम सहज प्रकासा।।
English explanation
To the yogis he appeared as the embodiment of ultimate reality—peaceful, pure, equal, and naturally luminous.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जोगिन्ह | योगियों को | to the yogis |
| परम | सर्वोच्च | ultimate |
| तत्वमय | तत्त्व के स्वरूप | embodying reality |
| भासा | प्रतीत हुए | appeared |
| सांत | शांत | peaceful |
| सुद्ध | शुद्ध | pure |
| सम | सम, भेदरहित | equal, without distinction |
| सहज | स्वभावतः | inherently |
| प्रकासा | प्रकाशमान | luminous |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.242
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 236
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका यज्ञशालामें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 235, 236
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।