बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ससि ललाट सुंदर सिर गंगा। नयन तीनि उपबीत भुजंगा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दशिवजीके सुन्दर मस्तकपर चन्द्रमा, सिरपर गङ्गाजी, तीन नेत्र, साँपोंका जनेऊ, गलेमें विष और छातीपर नरमुण्डोंकी माला थी। इस प्रकार उनका वेष अशुभ होनेपर भी वे कल्याणके धाम और कृपालु हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 106 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
ससि ललाट सुंदर सिर गंगा। नयन तीनि उपबीत भुजंगा।।
गरल कंठ उर नर सिर माला। असिव बेष सिवधाम कृपाला।।
स्रोत अभिलेख 1.92 · पुस्तक पृ. 106, 106
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 ससि ललाट सुंदर सिर गंगा। नयन तीनि उपबीत भुजंगा।।
English explanation
The moon adorns his forehead, and Ganga rests on his head. Shiva has three eyes, and a serpent serves as his sacred thread.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ससि | चंद्रमा | the moon |
| ललाट | माथे पर | on the forehead |
| सुंदर | सुंदर; सुशोभित | beautiful; adorning |
| सिर | सिर पर | on the head |
| गंगा | गंगा नदी की देवी | Ganga, the river goddess |
| नयन | आँखें | eyes |
| तीनि | तीन | three |
| उपबीत | जनेऊ; यज्ञोपवीत | sacred thread |
| भुजंगा | साँप | a serpent |
2 गरल कंठ उर नर सिर माला। असिव बेष सिवधाम कृपाला।।
English explanation
Poison is in his throat, and a garland of human heads lies on his chest. His appearance is inauspicious, yet compassionate Shiva is the abode of auspiciousness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गरल | विष | poison |
| कंठ | गले में | in the throat |
| उर | छाती पर | on the chest |
| नर | मनुष्यों के | of humans |
| सिर | सिरों की | of heads |
| माला | माला | garland |
| असिव | अशुभ; अमंगलकारी दिखने वाला | inauspicious in appearance |
| बेष | वेश; रूप-सज्जा | guise; appearance |
| सिवधाम | कल्याण के धाम | abode of auspiciousness |
| कृपाला | कृपालु शिव | the compassionate Shiva |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.92
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 106
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 106, 106
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।