बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सिवहि संभु गन करहिं सिंगारा। जटा मुकुट अहि मौरु सँवारा।।
मूल पाठ
सिवहि संभु गन करहिं सिंगारा। जटा मुकुट अहि मौरु सँवारा।।
कुंडल कंकन पहिरे ब्याला। तन बिभूति पट केहरि छाला।।
स्रोत अभिलेख 1.92 · पुस्तक पृ. 106, 106
भावार्थ
मूल पाठ के बादशिवजीके गण शिवजीका शृङ्गार करने लगे। जटाओंका मुकुट बनाकर उसपर साँपोंका मौर सजाया गया। शिवजीने साँपोंके ही कुण्डल और कङ्कण पहने, शरीरपर विभूति रमायी और वस्त्रकी जगह बाघम्बर लपेट लिया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 106 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सिवहि संभु गन करहिं सिंगारा। जटा मुकुट अहि मौरु सँवारा।।
English explanation
AI-draft interpretation: Shambhu’s attendants adorn Shiva. His matted locks form a crown, adorned with a serpent as a wedding crest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिवहि | शिव का; शिव को | Shiva, as the one being adorned |
| संभु | शंभु अर्थात शिव के | of Shambhu, that is, Shiva |
| गन | गण; सेवकगण | attendants |
| करहिं | करते हैं | perform; carry out |
| सिंगारा | श्रृंगार | adornment |
| जटा | जटाओं का | of matted locks |
| मुकुट | मुकुट | crown |
| अहि | साँप का | of a serpent |
| मौरु | विवाह का मौर; सिर का आभूषण | wedding crest; headdress ornament |
| सँवारा | सजाया | arranged; adorned |
2 कुंडल कंकन पहिरे ब्याला। तन बिभूति पट केहरि छाला।।
English explanation
Shiva wears serpents as earrings and bracelets. Ash covers his body, and a lion’s skin serves as his garment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुंडल | कानों के आभूषण | earrings |
| कंकन | कंगन | bracelets |
| पहिरे | पहन रखे हैं | has put on; wears |
| ब्याला | साँप | serpents |
| तन | शरीर पर | on the body |
| बिभूति | भस्म | sacred ash |
| पट | वस्त्र | garment |
| केहरि | सिंह की | of a lion |
| छाला | खाल | skin; hide |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.92
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 106
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 106, 106
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।