बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कर त्रिसूल अरु डमरु बिराजा। चले बसहँ चढ़ि बाजहिं बाजा।।
मूल पाठ
कर त्रिसूल अरु डमरु बिराजा। चले बसहँ चढ़ि बाजहिं बाजा।।
देखि सिवहि सुरत्रिय मुसुकाहीं। बर लायक दुलहिनि जग नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.92 · पुस्तक पृ. 106, 106
भावार्थ
मूल पाठ के बादएक हाथमें त्रिशूल और दूसरेमें डमरू सुशोभित है। शिवजी बैलपर चढ़कर चले। बाजे बज रहे हैं। शिवजीको देखकर देवाङ्गनाएँ मुसकरा रही हैं [और कहती हैं कि] इस वरके योग्य दुलहिन संसारमें नहीं मिलेगी॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 106 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कर त्रिसूल अरु डमरु बिराजा। चले बसहँ चढ़ि बाजहिं बाजा।।
English explanation
A trident and a small drum adorn his hands. Shiva sets out mounted on a bull, while musical instruments sound.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कर | हाथों में | in the hands |
| त्रिसूल | त्रिशूल; तीन नोकों वाला शस्त्र | trident; three-pronged weapon |
| अरु | और | and |
| डमरु | डमरू; छोटा दोमुखी ढोल | small hourglass-shaped drum |
| बिराजा | सुशोभित है | is displayed splendidly |
| चले | चल पड़े | set out |
| बसहँ | बैल पर | on a bull |
| चढ़ि | चढ़कर | having mounted |
| बाजहिं | बजते हैं | sound; are played |
| बाजा | बाजे; वाद्ययंत्र | musical instruments |
2 देखि सिवहि सुरत्रिय मुसुकाहीं। बर लायक दुलहिनि जग नाहीं।।
English explanation
Seeing Shiva, the women of the gods smile: ‘There is no bride in the world worthy of this groom.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | on seeing |
| सिवहि | शिव को | Shiva |
| सुरत्रिय | देवताओं की स्त्रियाँ | the women of the gods |
| मुसुकाहीं | मुसकराती हैं | smile |
| बर | दूल्हे के | of the groom |
| लायक | योग्य; अनुरूप | worthy of; suited to |
| दुलहिनि | दुलहिन; वधू | bride |
| जग | संसार में | in the world |
| नाहीं | नहीं है | there is none |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.92
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 106
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 106, 106
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।